लोकभवन में मुख्यमंत्री से मिलने जाता अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल।
गतिरोध खत्म, जिला मुख्यालय पर सुनवाई करेंगे एसडीएम
गोरखपुर। पहले की ही तरह अब भी महीने के दूसरे और चौथे सोमवार को सभी एसडीएम जिला मुख्यालय पर मुकदमों की सुनवाई करेंगे। जिला प्रशासन से वार्ता विफल होने के बाद शुक्रवार को अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने लखनऊ के लोकभवन में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के महामंत्री रामशंकर त्रिपाठी के अनुसार मुख्यमंत्री प्रतिनिधिमंडल की मांग से सहमत हुए। उन्होंने तत्काल फोन पर ही डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को पूर्व की ही व्यवस्था बहाल रखने का निर्देश दिया। वहीं डीएम ने बताया कि मामले में मुख्यमंत्री का निर्देश मिला है। एक साल के लिए पुरानी व्यवस्था बहाल रहेगी।
जिला मुख्यालय पर संबंधित एसडीएम के कोर्ट की व्यवस्था खत्म करने के डीएम के निर्णय पर 27 जून से अधिवक्ता कार्य बहिष्कार पर हैं। तीन जुलाई को उन्होंने जुलूस निकालकर कमिश्नर जयंत नार्लीकर और डीएम का घेराव भी किया। तय हुआ था कि चार जुलाई को दोनों पक्ष बैठकर इस समस्या का समाधान निकालेंगे। बैठक में कमिश्नर, डीएम ने तय किया कि एक कमेटी बनाई जाएगी जो यह आकलन करेगी कि एसडीएम के मुख्यालय पर सुनवाई नहीं करने से आम जनमानस को सहूलियत है या दिक्कत हो रही। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक कमेटी अपनी रिपोर्ट दे तब तक पुरानी व्यवस्था के तहत एसडीएम मुख्यालय पर मुकदमों की सुनवाई करते रहें। मगर प्रशासन के इस पर राजी नहीं होने होने से बैठक बेनतीजा रही।
सीएम से मुलाकात के बाद महामंत्री ने बताया कि एसोसिएशन ने शनिवार की दोपहर दो बजे अधिवक्ताओं की बैठक बुलाई है जहां मुख्यमंत्री के निर्देशों से सभी को अवगत कराते हुए कार्य बहिष्कार खत्म कर देने की घोषणा कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के अध्यक्ष अमिताभ त्रिपाठी अटल, महामंत्री रमाशंकर त्रिपाठी, पूर्व मंत्री गजेंद्र मणि त्रिपाठी, पूर्व मंत्री सूर्यभान सिंह, विवेक सरकारी, वेद प्रकाश दूबे आदि शामिल रहे।