स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान में लापरवाही बरतने पर दो ग्राम सचिवों पर कार्रवाई की गई है। अब यह दोनों सचिव खाते से पैसे की निकासी नहीं कर सकेंगे। उनकी जगह पर दूसरे सचिव की तैनाती के लिए डीपीआरओ ने बीडीओ को आदेश दिया है।
खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) योजना के तहत विकास खंड सहजनवां में ग्राम पंचायत कसरवल और सरदार नगर के ग्राम पंचायत चकदेइया का चयन किया गया है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने सचिव लोकेश कुमार को ग्राम पंचायत कसरवल में स्वच्छता अभियान की स्थिति बताने का आदेश दिया था। आरोप है कि लोकेश यह कहकर गांव में नहीं गए कि वहां चारों तरफ पानी भरा हुआ है और गांव के भीतर जाने का रास्ता नहीं है। विभागीय अधिकारियों ने जब पता कराया तो मालूम हुआ कि गांव के भीतर जाने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है और गांव में कहीं भी पानी नहीं है।
इसी तरह सरदार नगर के ग्राम पंचायत चकदेइया में सात शौचालयों का निर्माण किया जाना है, जिसकी धनराशि खाते में भेजी जा चुकी है। अगर शौचालयों का निर्माण हो गया होता तो अभी तक यह गांव पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त हो जाता। आरोप है कि सचिव विष्णु प्रताप सिंह ने शौचालय बनवाने में रूचि नहीं ली और लगातार इस तरह के महत्वपूर्ण मिशन में लापरवाही बरतते रहे। इस पर डीपीआरओ ने दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए खाते से रकम निकालने पर रोक लगा दी।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत होने वाले काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोनों विकास खंडों के खंड विकास अधिकारियों को नए सचिव की तैनाती का आदेश दिया गया है। बैंकों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। अब दोनों सचिव धनराशि की निकासी नहीं करेंगे।
- आरके भारती, जिला पंचायत राज अधिकारी