रेल की पटरी काटकर बड़े हादसे को अंजाम देने की कोशिश
- फोटो : अमर उजाला
पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सिधुआं चौकी की पुलिस ने शनिवार को रेल की पटरी काटकर बड़े हादसे को अंजाम देने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अलग-अलग दिनों में तीन जगह रेल की पटरी काटी थी। पुलिस कई दिनों से इसकी तलाश कर रही थी। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसके भाई की मौत ट्रेन से कटने से हुई थी, इसलिए उसने पटरी काटने की ठान ली थी।
कप्तानगंज-थावे रेलखंड पर दो माह के अंदर तीन बार रेल की पटरी काटकर बड़े रेल हादसे की कोशिश करने वाले व्यक्ति को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया पारस पुत्र जय गोसाई पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल बनवीरपुर गांव का निवासी है। संयोग ही था कि समय रहते रेलवे के कर्मचारियों की नजर कटी हुई पटरी पर पड़ गई और ट्रेनों का आवागमन रोककर कटी पटरी की मरम्मत कर बड़ा हादसा होने से बचा लिया था।
रेल प्रशासन ने इसकी जांच का आदेश कोतवाली पडरौना की पुलिस को सौंपा था। सिधुआ बाजार पुलिस चौकी के इंचार्ज प्रमोद कुमार यादव की सक्रियता की वजह से रेलवे की पटरी काटने वाला शख्स गिरफ्तार हो गया। उसके कब्जे से रेल की पटरी काटने में प्रयुक्त हैक्सा भी बरामद हुहा है। रेलवे एक्ट में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार पारस को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया। उसे गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में पडरौना कोतवाली के चौकी इंचार्ज के अलावा सिपाही रामानंद यादव और सत्यप्रकाश आदि भी शामिल थे।
दो माह पहले पटरी काटने की सूचना पर रोकी गई थी ट्रेन
पटरी काटने की सूचना के बाद कप्तानगंज से थावे जा रही सवारी गाड़ी को पडरौना रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया था। इसके बाद पीडब्ल्यूआई राकेश राव व अब्दुल मन्नान टीम के साथ किमी 91.3 व 91.4 के बीच पहुंचे थे, जहां तीन स्थानों पर कटी पटरियों को बदला गया आ। लगभग चार घंटे बाद सवारी गाड़ी थावे के लिए रवाना हो पाई थी।