कैंपियरगंज के भौराबारी गांव में चिकन पॉक्स से एक महिला की मौत हो गई है। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में सीएमओ अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और मरीज के घर वालों से बात कर उन्हें आवश्यक सुझाव दिए। गांव में कुछ अन्य लोग भी इस बीमारी की चपेट में आए हैं। सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को निगरानी का आदेश दिया है।
कैंपियगरंज इलाके के कुछ गांवों में करीब एक महीने से चिकन पॉक्स के कई मरीज सामने आ चुके हैं। मगर स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने इसकी जानकारी सीएमओ को नहीं दी। मगर डीएम के बाबत जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने प्रभारियों पर कार्रवाई भी की और उन्हेें अलर्ट भी कर दिया था।
इसी बीच सोमवार को भौराबारी गांव के संजय यादव की पत्नी बासमती देवी (31) की चिकन पॉक्स से मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही सीएमओ गांव पहुंचे। निरीक्षण के दौरान कई कमियां भी उजागर हुई, जिस पर उन्होंने डॉक्टरों को कड़ी चेतावनी दी है।
बाहर की दवा लिखने पर बिफरे सीएमओ
निरीक्षण के दौरान कई हाई फीवर के मरीज भी सामने आए। सोनू पुत्र सुभाष को भी हाई फीवर है और कैंपियरगंज प्रभारी डॉ. विनोद वर्मा उसका उपचार कर रहे हैं। सुभाष ने बताया कि डॉ. विनोद ने अस्पताल से दवा नहीं लिखी और बाहर से वह दवा 600 रुपये में खरीदनी पड़ी। यह सुनने पर सीएमओ ने केंद्र प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही उनका वेतन रोकने का आदेश दिया है।
सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वह अस्पताल की दवा दें और यदि दवा खत्म हो रही है तो इसकी सूचना समय से देकर दवा मंगा लें। किसी भी सूरत में बाहर की दवा लिखने पर कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ के साथ एडिशनल सीएमओ डॉ. नंद कुमार, सहायक शोध अधिकारी सुधांशु श्रीवास्तव भी थे।