रेल बजट में दुरंतो की तर्ज पर दिल्ली के लिए नई ट्रेन मिलने की संभावना है। अगर ऐसा हुआ तो यात्रियों के लिए राजधानी की राह आसान हो जाएगी। इसके अलावा पूर्वोत्तर रेलवे ने बजट के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, गोवा और पुरी के लिए नई ट्रेन चलाने का भी प्रस्ताव भेजा है।
इस बार बजट में रेलवे का अधिक जोर इंफ्रास्ट्रक्चर पर है। इसी के मद्देनजर पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने तैयारी भी की है। छपरा से लखनऊ तक इस साल इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनें चलने लगेंगी। लिहाजा इलेक्ट्रिक इंजन के मेंटेनेंस को लेकर गोरखपुर में इलेक्ट्रिक लोको शेड के लिए बजट मांगा गया है। गोरखपुर में कई परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान आए रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इसकी स्वीकृति देने के साथ ही प्रस्ताव भेजने का कहा था। ऐसे में माना जा रहा है कि इस मद में बजट मिल सकता है। उधर, इंदारा से दोहरीघाट के बीच अमान परिवर्तन और भटनी से इंदारा के बीच रेल लाइन के दोहरीकरण की जरूरत है। ये दोनों काम होने से ट्रेनें सीधे रूट से वाराणसी जा सकेंगी। समय की भी बचत होगी।
अमान परिवर्तन का प्रस्ताव
इन्दारा-दोहरीघाट
नानपारा-नेपालगंज रोड
बहराइच-मैलानी
पीलीभीत-शाहजहांपुर
प्रस्तावित रेल दोहरीकरण
कानपुर-फर्रुखाबाद-मथुरा वाया कासगंज (350 किमी)
भटनी-इंदारा (60 किमी)
कुसम्ही-डोमिनगढ़ (तीसरी लाइन, 17 किमी)
एक्सपर्ट कमेंट
नई ट्रेन चलाने में कई तकनीकी बाधाएं हैं। मसलन ट्रैक पर अधिक लोड, वाशिंग पिट की कमी, स्टेबलिंग लाइन कम होना आदि। ऐसे में पूर्वोत्तर रेलवे के खाते में नई ट्रेनें कम ही आएंगी। जहां तक इलेक्ट्रिक लोको शेड की बात है तो यह समय की मांग है। बरौनी से लखनऊ के बीच गोरखपुर सबसे मुफीद स्थान भी है। जगह की कमी नहीं है और सबसे खास बात है कि यहां मुख्यालय है। यहां पहले लोको शेड था। रेल दोहरीकरण सबसे जरूरी है। दो लाइनें होने से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और अधिक ट्रेनें भी चलाई जा सकेंगी। मेरा मानना है कि इस रेल बजट में भी इंफ्रास्टक्चर के लिए अधिक बजट मिलना चाहिए।
- अशोक गुप्ता, सेवानिवृत्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर (प्लानिंग) एनईआर