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इलाज के इंतजार में मेडिकल कॉलेज की देहरी पर तोड़ा दम

Mon, 06 Jun 2016 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर/देवरिया।
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युवक की मौत के बाद बिलखते घर वाले। - फोटो : amar ujala
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गला रेते जाने से जख्मी होकर गंभीर नौबत तक पहुंचे युवक को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने की जगह घर वापसी का रास्ता दिखाया जाना जिंदगी पर भारी पड़ गया। शनिवार को देवरिया जिला अस्पताल से रेफर होकर आए युवक की रविवार भोर में मौत हो गई।
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घटना के केंद्र में है मईल थाना क्षेत्र के देवकली गांव निवासी जयप्रकाश उर्फ छोटक प्रसाद, जिस पर सोते वक्त पड़ोसियों ने हमलाकर गर्दन पर धारदार हथियार से वार किया था। गले पर गहरे जख्म के कारण उसे देवरिया जिला अस्पताल लाया गया। हालत गंभीर मानकर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया।

शनिवार दिन में जब परिवार के लोग जयप्रकाश (35) को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ और चिकित्सकों ने सीनियर डॉक्टर के छुट्टी पर होने की जानकारी देकर सोमवार को आने के लिए कहा। तीमारदारों ने यूरीन और फीडिंग के लिए पाइप लगे होने का हवाला देते हुए मरीज के जल्द बेहतर इलाज की मांग की लेकिन अनसुना कर दिया गया। घर वापसी सहज न देखकर परिवार के लोग जयप्रकाश को लेकर मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों के लिए बने आरोग्य भवन में ही रुक गए।
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घर वालों का कहना है कि शनिवार देर रात उसकी हालत बिगड़ने लगी तो फिर इमरजेंसी में जल्द इलाज की गुहार की। काफी देर की मान-मनौव्वल के बाद रविवार भोर में उसे भर्ती करने पर रजामंदी जताई गई। भर्ती प्रक्रिया के बीच इलाज की शुरुआत होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। घटना से बदहवास हुई जयप्रकाश की पत्नी सुनीता का कहना है कि अगर समय रहते मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया होता तो पति की जान बच सकती थी।

‘मामला बेहद गंभीर है। जांच कराकर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी’
प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज दो हमलावर नामजद  पड़ोसियों के हमले के शिकार जयप्रकाश की इलाज के इंतजार में मौत से सरकारी चिकित्सा सेवा पर सवाल उठते देख पुलिस अपने फर्ज को लेकर सुबह से ही सक्रिय हो गई। मेडिकल कॉलेज के रवैये से टूटे परिवार के लोग जयप्रकाश का शव लेकर वापस घर पहुंचे तो कुछ देर में ही पुलिस ने उनसे संपर्क साधा। पोस्टमार्टम के लिए शव कब्जे में लेने के साथ हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज करने की जानकारी दी। मईल थाने के एसओ नेहरू ने बताया कि जयप्रकाश की पत्नी की तहरीर पर लक्ष्मण और प्रेम को नामजद किया है। बच्चों की परवरिश का उठा सवाल  सलेमपुर। पड़ोसियों के हमले में जख्मी जयप्रकाश की इलाज में हीलाहवाली के बीच मौत से परिवार के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। मजदूरी करके घर चलाने वाले जयप्रकाश के पास पत्नी सुनीता, बेटे रोहित (13), रोहन (9) और गोलू (7) और वृद्ध मां मां सुराती की देखभाल का जिम्मा था। घटना के बाद से मौके पर जुटे लोगों के बीच रह-रह कर परिवार की परवरिश का सवाल उठ रहा था। सुअरबाड़ा बनाने का किया था विरोध देवकली गांव का लक्ष्मण बॉसफोर घनी आबादी के बीच सुअरबाड़ा बना रहा था। पड़ोसी जयप्रकाश ने इसका विरोध किया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच एक सप्ताह पूर्व आपस में विवाद हुआ था। माना जा रहा है कि इससे नाखुश होकर ही लक्ष्मण और प्रेम ने आधी रात को सोते समय जयप्रकाश के गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया था।
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