गगहा के रिआव गांव के एक व्यापारी की जान नोट के फेर में चली गई। शनिवार को वह रुपये बदलने के लिए बैंक गए थे। शनिवार की शाम तक लाइन में लगने के बाद भी दस हजार रुपया जमा नहीं हुआ तो घर लौट आए। रुपये को लेकर वह काफी परेशान थे। देर शाम उनकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई।
हाटा प्रतिनिधि के मुताबिक रियाव के छेदी प्रसाद पोल्ट्री फार्म चलाते हैं। शनिवार को मुर्गियों की बिक्री का करीब 10 हजार रुपये जमा करने के लिए सुबह करीब 10 बजे एसबीआई की रकहट ब्रांच में पहुंचे। लंबी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। नंबर आने से पहले ही बैंक में लेन-देन बंद हो जाने से रुपये नहीं बदल सके। मेहनत की कमाई लेकर घर लौट आए। पोल्ट्री फार्म में दाना-पानी चलाने गए। तभी अचानक अचेत होकर गिर पड़े। परिवार के लोगों ने उनको हाटा के नर्सिंग होम पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि हार्ट अटैक से मौत हो गईै। बेटे का कहना है कि रुपये को लेकर वह काफी परेशान थे क्योंकि कई सामान उनको लाना था।