डाक महकमे को भी रविवार को भारतीय स्टेट बैंक से करेंसी नहीं मिले। बिना करेंसी के सीनियर पोस्ट मास्टर को वापस लौटना पड़ा। सीनियर पोस्ट मास्टर ने बैंक के मुख्य खजांची पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए अपने उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
प्रधान डाकघर में नए नोट का स्टाक खत्म हो गया था। रविवार को सीनियर पोस्ट मास्टर लक्ष्मी नारायण तिवारी विभागीय कर्मचारियों के साथ बैंक रोड स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा पर नए नोट लेने पहुंचे। काफी देर इंतजार के बाद किसी तरह वे बैंक के भीतर दाखिल हो पाए। उन्होंने मुख्य खजांची रामलाल से मुलाकात कर नए नोट देने और पुराने नोट जमा करने को कहा।
सीनियर पोस्ट मास्टर के मुताबिक मुख्य खजांची ने उनकी बात मानने से इंकार करते हुए कहा कि नए नोट नहीं हैं और पुराने नोट को ले जाएं। इसे गिनने की व्यवस्था नहीं है। डाकघरों पर लगी भीड़ का हवाला देकर सीनियर पोस्ट मास्टर ने कहा कि अगर नोट नहीं मिले तो हंगामा शुरू हो जाएगा। बावजूद इसके मुख्य खजांची ने उनकी एक न सुनी और उन्होंने उनसे व उनके साथियों के साथ बदसलूकी की। हेड पोस्ट मास्टर ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है और नए नोट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
मुख्य खजांची और एसबीआई के बैंक कर्मचारियों की इस तरह से दादागिरी नहीं चलेगी। प्रधान डाकघर के हेड पोस्टमास्टर के साथ की गई बदसलूकी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डाकघरों को नए नोट देने के लिए बैंक को बाध्य होना पड़ेगा। वरना डाकघर के एजेंट बैंक के सामने धरने पर बैठेंगे।
- दीनानाथ सिंह, अध्यक्ष, आल इंडिया महिला प्रधान एवं स्माल सेलिंग एजेंट कॉफिंडरेशन, गोरखपुर।