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चार सदस्यीय कमेटी करेगी सफाई कर्मियों की भर्ती

Sun, 07 Aug 2016 01:25 AM IST
राजीव रंजन, अमर उजाला, गोरखपुर।
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नगर न‌िगम में सफाई कर्म‌ियाों की भर्ती के ल‌िए फार्म जांचते अध‌िकारी - फोटो : amar ujala
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नगर निगम में सफाई कर्मी पद के लिए आवेदकों की भीड़ उमड़ पड़ी है। सिर्फ पांच दिन में 1360 पदों के लिए नगर निगम में आवेदकों के 10 हजार से ज्यादा फार्म पहुंच चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि सफाई कर्मी के लिए कम से कम 50 हजार आवेदन आएंगे। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बनाई गई चार सदस्यीय टीम इन सफाई कर्मियों का चयन करेगी।
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हालांकि शासन के निर्देश के बाद ही चयन का तरीका शासन के निर्देश के बाद तय होगा। इन फर्मों को इकट्ठा करने के साथ डेटा फीड करने निगम में करीब 20 लोगों को लगाया गया है। सभी कंप्यूटर ऑपरेटरों को 200 फार्मों का डेटा फीड करने की जिम्मेदारी दी गई है। नगर आयुक्त प्रति दिन इसकी निगरानी कर रहे हैं। शासनादेश के अनुसार नियुक्त इन कर्मचारियों का मासिक वेतन न्यूनतम करीब 14 हजार रुपये होगा। नगर आयुक्त बीएन सिंह ने बताया कि नगर निगम कार्यालय रविवार को भी खुला रहेगा। रविवार को भी फार्म जमा करने समेत अन्य कार्य किए जाएंगे। 

नगर आयुक्त होंगे कमेटी के अध्यक्ष
सफाई कर्मी भर्ती कमेटी के लिए बनाई गई चार सदस्यीय कमेटी में नगर आयुक्त इसके अध्यक्ष होंगे। बाकी अन्य में नगर स्वास्थ्य अधिकारी, पिछड़ा वर्ग से एक अधिकारी और जिलाधिकारी द्वारा नामित अनुसूचित जाति वर्ग से एक अधिकारी होगा। 
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नाली में उतर कर सफाई करने की देनी होगी परीक्षा
हालांकि नगर आयुक्त बीएन सिंह का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित नियमानुसार इन सफाई कर्मचारियों का साक्षात्कार और परीक्षा होगी। लेकिन उम्मीद जताई जा रही है आवेदकों को चयन के लिए नालों में उतर कर सफाई के लिए उतरने की अपनी काबिलियत दिखानी होगी। इसकी वजह से यह मानी जा रही है इन आवेदकों में ज्यादातर ऐसे हैं, जिनका मकसद सिर्फ नौकरी पाना है। बाद में किसी अन्य को अपने स्थान पर रखकर सफाई कराएंगे।

सफाई व्यवस्था में बेहतरी की उम्मीद
उम्मीद जताई जा रही है कि नई भर्ती के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। क्योंकि शहर के कुछ वार्डों में ठेके पर सफाई व्यवस्था होने की वजह से सफाई की स्थिति काफी खराब है। ठेकेदार, पार्षद और निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से सफाई कर्मियों की निर्धारित संख्या में से 50 प्रतिशत से भी कम कर्मचारी काम पर आते हैं। ऐसे में अधिकांश इलाकों में सफाई हो भी नहीं पाती है। एक तरह से नियमित इन कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है। 
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