गोरखपुर। बरसात बीतने के बाद ठंड ने दस्तक दे दी है लेकिन इंसेफेलाइटिस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। दो दिन में 10 और मरीजों ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया। जबकि 22 नए मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए हैं। इसे लेकर इस वर्ष मरने वालों की संख्या बढ़कर 491 हो गई है।
मेडिकल कॉलेज दो दिनों में पड़ोसी राज्य बिहार के राजा, कान्हा व अंगिरा, गोरखपुर के आर्यन व ईशा, कुशीनगर की नूरी, सिद्घार्थनगर की ममता, देवरिया की शोभा, संतकबीरनगर के अमन और बस्ती नितेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नए भर्ती मरीजों में कुशीनगर के सर्वाधिक आठ हैं जबकि देवरिया के छह, गोरखपुर के चार, बिहार के दो और बस्ती व संतकबीरनगर के एक-एक मरीज हैं। इन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज में इस वर्ष अब तक 1760 मरीज भर्ती कराए जा चुके हैं। 222 मरीजों का इलाज अभी भी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। उधर, कॉलेज परिसर में बने राष्ट्रीय विषाणु संस्थान की जांच में जापानी इंसेफेलाइटिस के वायरस पुष्टि वाले मरीजों की संख्या बढ़कर 96 पहुंच गई है। इनमें से 35 मरीजों की मौत हो चुकी है।