गोरखपुर। दो महीने पहले लांच हुई जीडीए की वैशाली योजना के तहत भूखंड के लिए आवेदन करने वालों को लॉटरी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। 15 नवंबर के बाद ही लॉटरी होने की उम्मीद है। उधर, भूखंडों के आवंटन के लिए होने वाली इस लॉटरी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी के लिए रोजाना तमाम आवेदक जीडीए के चक्कर लगा रहे हैं।
यही नहीं आवेदनों के साथ जमा हुए रजिस्ट्रेशन फीस को लेकर भी लोग परेशान है। उन्हें अंदेशा है कि लॉटरी में हो रहे विलंब की ही तरह जीडीए यह शुल्क लौटाने में भी न विलंब कर दे। हालांकि जीडीए उपाध्यक्ष श्याम शरण मिश्र का कहना है कि लॉटरी की प्रक्रिया खत्म होते ही उन आवेदकों के खाते में रजिस्ट्रेशन फीस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी जिनके नाम लॉटरी में नहीं निकले।
उन्होंने बताया कि जल्द ही वैशाली योजना के तहत भूखंडों को विकसित करने का काम शुरू हो जाएगा। इसके लिए सप्ताह भर के भीतर वर्क ऑर्डर निकाल दिए जाएंगे। वादे के मुताबिक प्राधिकरण वहां सड़क, पीने का पानी, बिजली, पार्क आदि की सभी सुविधाएं मुहैया कराएगा। बता दें कि इस योजना के तहत एलआईजी (लोअर इनकम ग्रुप ) और ईडब्लूएस (इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन) के करीब 140 भूखंडों के लिए 15 अगस्त से रजिस्ट्रेशन शुरू हुआ था। 15 सितंबर तक चले रजिस्ट्रेशन के दौरान करीब 16 हजार फॉर्म बिके थे जबकि करीब छह हजार लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया।