गोरखपुर। रेल रिजर्वेशन व टिकट से होने वाली आय में हेरफेर के मामले में लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम मनोज कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा इस मामले से जुड़े चार अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। इन कर्मचारियों से रेलवे विजिलेंस और रेलवे बोर्ड की टीम ने बुधवार को काफी देर तक पूछताछ की और बयान दर्ज किए। मनोज एनईआर के सीपीआरओ भी रह चुके हैं।
रेल सूत्रों के मुताबिक 14 व 15 अक्टूबर को आरक्षण केंद्र से होने वाली आय से करीब 30 लाख रुपये कैश काउंटर में जमा नहीं कराए गए थे। यह रकम वाणिज्य विभाग के एक कर्मचारी के जरिये मंगाई गई थी और सादे कागज पर इसकी रिसीट दी गई थी। मुख्यालय कैश काउंटर को भेजे गए रकम के ब्योरे में इसका जिक्र नहीं किया गया। जानकारी होने पर रेल प्रशासन ने विजिलेंस को जांच सौंप दी। मंगलवार को विजिलेंस की टीम ने लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के कैश काउंटर पर छापामारी की थी। छापे की कार्रवाई के दौरान कैश काउंटर से विजिलेंस ने मामले से संबंधित कागजात जब्त कर लिए थे। मंगलवार की शाम एनईआर के जीएम ने गोरखपुर मुख्यालय में अधिकारियों से इस मामले में जानकारी ली थी। माना जा रहा है इसके बाद ही प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
बुधवार को रेलवे बोर्ड से आई एक टीम ने चारबाग स्थित कैश काउंटर के रिकॉर्ड की जांच की। विजिलेंस टीम की जांच रिपोर्ट भी रेलवे बोर्ड की टीम ने लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में कई कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की गई। मामले से जुड़े चार कर्मचारियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। एनईआर के सीपीआरओ आलोक कुमार सिंह ने सीनियर डीसीएम के निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी इस मामले में जांच चल रही है।