गोरखपुर/लखनऊ। रेल रिजर्वेशन व टिकट से होने वाली आय में हेरफेर के अंदेशे पर रेलवे विजिलेंस की टीम ने मंगलवार को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन के कैश काउंटर पर छापा मारा। सूत्रों की माने तो रेलवे के एक अधिकारी ने करीब 30 लाख रुपये कैश काउंटर में जमा नहीं कराए थे। मामला पकड़ में आने पर रेल प्रशासन ने जांच शुरू कराई है।
रेल सूत्रों के मुताबिक 14 व 15 अक्टूबर को आरक्षण केंद्र से होने वाली आय से करीब 30 लाख रुपये कैश काउंटर में जमा नहीं कराए। यह रकम वाणिज्य विभाग के एक कर्मचारी के जरिये मंगाया गया था और उसे सादे कागज पर रिसीविंग दी गई। मुख्यालय कैश काउंटर को भेजे गए रकम में इसका जिक्र नहीं किया गया। सवाल यह उठता है कि इतनी रकम किस वजह से जमा नहीं कराया गया और इसकी लिखित जानकारी मुख्यालय को क्यों नहीं दी गई? हालांकि रेल स्टॉफ का कहना है कि 30 सितंबर को गोरखपुर के नंदानगर क्रासिंग पर रेल हादसा हुआ था, इस हादसे में कृषक एक्सप्रेस में सवार 13 यात्रियों की मौत हो गई थी। इनमें चार मृतकों के परिजनों को मुआवजा नहीं दिया जा सका। कैश काउंटर में यही रकम कम पाई गई। हालांकि रेल स्टॉफ का यह तर्क गले नहीं उतर पा रहा है, क्योंकि रेलवे मृतकों के परिजनों को कैश की जगह चेक के माध्यम से मुआवजा दे रही है। चारबाग स्टेशन पर छापेमारी के दौरान रेलवे कामर्शियल ब्रांच के अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान कैश काउंटर के कर्मचारियों से काफी देर तक पूछताछ की गई। मामले से संबंधित सभी कागजात विजिलेंस ने कब्जे में ले लिया है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी होने पर जांच कराई जा रही है। रेलवे की विजिलेंस टीम ने जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।