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लापरवाही का मुद्दा उठा तो हड़ताल पर चले गए डॉक्टर

Sat, 11 Oct 2014 05:30 AM IST
Gorakhpur
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गोरखपुर। कुत्ता काटने के बाद डॉक्टर द्वारा एंटी रैबीज इंजेक्शन न लगाए जाने के कारण बच्चे की मौत हो जाने से खफा घर वाले और पड़ोसी शुक्रवार की सुबह जिला अस्पताल न्याय मांगने पहुंचे तो डॉक्टरों के साथ पूरा स्टाफ हड़ताल पर चला गया। इमरजेंसी सेवा, ओपीडी, जांच और इलाज सब कुछ ठप हो गया। उनका आरोप था कि परिजनों ने एक फार्मासिस्ट की पिटाई की है। अभी वाद-विवाद चल ही रहा था कि महिला अस्पताल के कर्मचारियों ने भी काम बंद कर दिया। दूसरी तरफ पुलिस ने बच्चे के घरवालों और और उनके कुछ पड़ोसियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर लिया। उधर, डॉक्टरों व कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सोमवार तक नामजद पांच आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे।
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तिवारीपुर थाना क्षेत्र के घोषीपुर निवासी फैजान की मौत बृहस्पतिवार शाम कुत्ता काटने से हो गई थी। बृहस्पतिवार सुबह उसकी तबीयत खराब होने पर परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने इलाज नामुमकिन बताया। इसके बाद परिजनों को डॉक्टर की दो महीने पहले की गई लापरवाही पता चली और सीएमओ से शिकायत की। सीएमओ ने इस मामले में जांच का आदेश दिया है। शुक्रवार सुबह फिर फैजान के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। इसी दौरान कुछ कर्मचारी व फार्मासिस्ट पहुंच गए। आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कर्मचारी व फार्मासिस्ट के साथ मारपीट की। इसी के बाद डॉक्टर व कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। अस्पताल के अफसर डॉक्टरों व कर्मचारियों को समझाने के प्रयास में लगे थे कि महिला अस्पताल के कर्मचारी व डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हो गए। हड़ताल की वजह से महिला अस्पताल में घंटों प्रसूताएं इलाज के लिए तड़पती रहीं। ओपीडी ठप होने की वजह से मरीज बिना इलाज व दवा के ही लौटे। पुलिस ने फार्मासिस्ट सुरेंद्र सिंह की तहरीर पर मृतक फैजान के पिता रिजवान, मो. असलम, शोएब, अहमद व हरेंद्र दुबे समेत 15 लोगों पर लूट, बलवा, सरकारी कामकाज में बाधा, चिकित्सा सेवा एवं क्षति निवारण अधिनियम-2013 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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एक फार्मासिस्ट व कर्मचारी के साथ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मारपीट की। जिसकी वजह से डॉक्टर व कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। मारपीट करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद काम शुरू हो गया। पुलिस प्रशासन ने डॉक्टरों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। ओपीडी व इमरजेंसी में पुलिस सुरक्षा व आरोपी के गिरफ्तारी की मांग थी। सोमवार तक यदि मांग नहीं मानी गई तो डॉक्टर व कर्मचारी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं।
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डॉ. एचआर यादव, एसआईसी, जिला अस्पताल
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सुबह जो पहली सूचना आई थी वह जिला अस्पताल में डॉक्टरों को घेर लेने और कामकाज बंद कराने की थी। डीएम को मामला दिखवाने के लिए बोल दिया था। मैं पूरे दिन मंडलीय समीक्षा बैठक में ही व्यस्त रहा। अगर इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत हुई है तो डीएम इसकी जांच कराएंगे। मरीजों को छोड़कर डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने का मामला भी डीएम ही देखेंगे।
- आरके ओझा, कमिश्नर
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फैजान की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएमओ को इस मामले की जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। डॉक्टरों के हड़ताल की वजह से मरीज परेशान हुए, यह जिला अस्पताल का विभागीय मामला है और इस पर सीएमओ ही कुछ बता सकते हैं। चूंकि पीड़ित के तौर पर जिला अस्पताल के कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत की होगी, इसलिए फैजान के परिवार वालों या किसी दूसरे पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया होगा।
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- रंजन कुमार, डीएम
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