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राप्ती लाल निशान पार पर कम हुई रफ्तार

Tue, 19 Aug 2014 05:30 AM IST
Gorakhpur
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गोरखपुर। तीन दिन तक हुई लगातार बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण अचानक राप्ती और घाघरा का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने लगा। रविवार को खतरे के निशान से नीचे बह रही राप्ती सोमवार को लाल निशान पार कर गई। हालांकि सोमवार शाम को नदी की रफ्तार थम गई और देर रात जलस्तर घटने लगा। वहीं घाघरा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अफसरों का दावा है कि दोनों नदियों में मंगलवार सुबह तक पानी कम होने लगेगा।
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सोमवार की सुबह राप्ती का जलस्तर बर्डघाट में खतरे के निशान के पार हो गया। शाम चार बजे नदी का जलस्तर 75.130 मीटर पर था और वह खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। शाम सात बजे केंद्रीय जल आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट में जलस्तर घटने की बात कही गई। अब यह 75.110 मीटर पर बह रही है। वहीं घाघरा नदी के खतरे का निशान 64.01 मीटर पर है और यह 64.330 मीटर पर बह रही है। आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक नदी बढ़त पर तो है पर उसकी रफ्तार अब प्रति घंटा आधा से एक सेंटीमीटर रह गई है। नदी के मंद रफ्तार और घटते जलस्तर के कारण नदियों के किनारे बसे गांवों के लोगों ने राहत महसूस की।
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जल पुलिस चौकी ध्वस्त, सड़ रही नावें
गोरखपुर। प्रशासन भले यह दावा कर रहा है कि बाढ़ से बचाव की तैयारी मुकम्मल हैं, पर सच्चाई इससे इतर है। यदि स्थित गंभीर हो जाए तो बचाव के लिए स्टीमर और नावों का टोटा हो जाएगा। 1998 में आई भयंकर बाढ़ के बाद राजघाट पुल के समीप बने बांध पर एक जल पुलिस चौकी बनाई गई थी। यहां मोटर बोट और नाव की व्यवस्था हुआ करती थी। अब यह पुलिस चौकी ध्वस्त हो चुकी है और मोटर बोट नदी के किनारे सड़ रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से जो दो मोटर बोट बाढ़ बचाव के लिए दिये गए हैं उसमें भी एक खराब है।
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आधा दर्जन गांव पानी से घिरे, दो मार्गों पर चढ़ा पानी
बड़हलगंज। चिल्लूपार के कछार क्षेत्र में राप्ती का जलस्तर बढ़ने से आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं। वहीं दो मार्गों पर नदी का पानी चढ़ने से गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है। हालांकि प्रशासन द्वारा स्थिति अभी सामान्य बताई जा रही है। राप्ती का जलस्तर बढ़ने से सोमवार को लखनौरी, लखनौरा, मैभरा, अगलगौवा, मोहन पौहरिया खोहिया, माझा, जगदीशपुर गांव पानी से घिर गए। सूबेदानगर माझा तथा मैभरा-जगदीशपुर मार्ग पर लखनौरी गांव के पास पानी बह रहा है। घाघरा खतरे के निशान से 45 सेमी नीचे बह रही है। घाघरा का जलस्तर बढ़ने पर अजयपुरा, बल्थर, दुबौली, खैराटी, कोहड़ाभावर, रामनगर, गोरखपुरा, डेरवा डुमरी सहित एक दर्जन गांवों पर खतरे की आशंका जताई जा रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तहसीलदार गोला कन्हैया लाल गुप्ता ने क्षेत्र का जायजा लिया। एसडीएम गोला मोतीलाल सिंह का कहना है कि दोनों नदियां अभी खतरे के निशान से नीचे हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।
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