फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश से फसलों को मिली संजीवनी

Tue, 19 Aug 2014 05:30 AM IST
Gorakhpur
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। सूख रही धान की फसल को बारिश से संजीवनी मिली है। पीले पड़ रहे पौधे हरे भरे हो गए हैं। लेकिन खर-पतवार अधिक उग जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कृषि विशेषज्ञों की सलाह है कि निराई के बाद ही किसान यूरिया का छिड़काव करें। वरना पौधे को सही खुराक नहीं मिल पाएगी और उनकी बढ़त प्रभावित होगी।
विज्ञापन

सावन में सूखे के बाद भादों में बादलों ने दरियादिली दिखाई है। चार दिनों में ही 136 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। हालांकि मानसूनी बारिश अभी भी औसत से 51 फीसदी कम हुई है। अब तक 719.6 की जगह 351.2 मिलीमीटर ही बारिश हुई है। सबसे कम बारिश कुशीनगर में 706.5 की जगह 156.8 मिलीमीटर हुई है। जो कि औसत से 78 फीसदी कम है। इसके अलावा देवरिया में 51 फीसदी, महराजगंज में 67 फीसदी कम बारिश हुई है।
जलवायु विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक वायुमंडल में कम वायुदाब का सर्किल बना हुआ है। मौसम में नमी भी 90 प्रतिशत के आसपास है। जिसके कारण अगले 48 घंटों में नेपाल से सटे इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है और आसपास के जिलों में हल्की बारिश की संभावना है।
विज्ञापन

सप्ताह भर में अच्छी बारिश से धान की फसल को काफी फायदा पहुंचा है। पीले पड़ रहे पौधे हरे हो गए हैं। कहीं भी जलभराव से फसल को नुकसान होने की सूचना नहीं है। खर-पतवार बढ़ रहे हैं, किसान कीटनाशक के छिड़काव की जगह निराई करें और इसके बाद ही यूरिया का छिड़काव करें। दूसरी फसलों को भी बारिश से नुकसान नहीं है।
विज्ञापन

-जयप्रकाश, उपनिदेशक कृषि
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें