गोरखपुर। जिला अस्पताल में यदि आग लगी तो उसे बुझाने के लिए अग्निशमन यंत्र ही नहीं हैं। इतने बड़े अस्पताल में सिर्फ चार अग्निशमन यंत्र हैं वह भी ऑपरेशन कक्ष में है। अस्पताल में बिजली सप्लाई के मेन पैनल जहां पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की सबसे ज्यादा संभावनाएं होती हैं वहां पर अग्निशमन यंत्र ही नहीं लगाए गए हैं। तीन साल पहले कानपुर के जिला अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद यहां के तत्कालीन डीएम ने पर्याप्त व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया था। उस समय दो अग्निशमन यंत्र खरीदकर कागजों में व्यवस्था चुस्त दुरुस्त दिखा दी गई थी।
जिला अस्पताल के ओपीडी, इमरजेंसी, प्राइवेट वार्ड, न्यू बिल्डिंग और जेनरेटर कक्ष के बाहर बिजली सप्लाई के मेन पैनल बनाए गए हैं, लेकिन किसी भी पैनल के पास अग्निशमन यंत्र नहीं लगाए गए हैं। यदि शॉर्ट सर्किट से आग लगी तो बड़ा हादसे होने से नहीं रोका जा सकता है। जबकि आए दिन अस्पताल में शॉर्ट सर्किट की शिकायतें आती रहती हैं। अस्पताल के ओटी और प्राइवेट वार्ड के पास कुल चार अग्निशमन यंत्र लगाए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि यह भी काम लायक नहीं है। इनकी टेस्टिंग लगने के बाद आज तक नहीं की गई है। हालांकि इन पर लिखीं तारीखें जरूर अपडेट कर दी गई हैं।
अस्पताल में आग बुझाने के इंतजाम न होना गंभीर बात है। इसके लिए सीएमएस से वार्ता की जाएगी और प्रस्ताव मांगा जाएगा। हर हाल में इसकी व्यवस्था कराई जाएगी।
-डॉ. डीएन त्रिपाठी, एडी (हेल्थ)