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यात्रियों के लिए भगवान बनकर आए एसएसबी के जवान

Wed, 28 May 2014 05:32 AM IST
Gorakhpur
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गोरखपुर। संतकबीरनगर के चुरेब में हुए ट्रेन हादसे में आज कई लोग अगर जिंदा है तो वह सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों की बदौलत। बोगियों में फंसे यात्रियों के लिए एसएसबी के जवान भगवान बनकर आए। जिन्होंने ट्रेन में फंसे यात्रियों को निकालने के साथ ही रेलवे ट्रैक पर फिर से संचालन हो इसके लिए काम शुरू कर दिया था। एसएसबी डीआईजी विकास अरोरा भी मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों के संबंध में जवानों को दिशा-निर्देश देते रहे।
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हादसे की सूचना मिलने पर एसएसबी की पांच एंबुलेंस और सात चिकित्सा अधिकारी उपमहानिरीक्षक चिकित्सा डॉ. जितेन्द्र वात्सायन के नेतृत्व में मौके पर पहुंच गए। इसके साथ ही एसएसबी के लगभग 550 जवान, अधिकारी, अधिनस्थ अधिकारी सभी दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए। डीआईजी एसएसबी विकास अरोरा ने बचाव कार्यों की कमान अपने हाथ लेते हुए तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित कराया। एसएसबी के बचाव दल के सदस्यों ने बोगियों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। खोजी दल के सदस्यों ने बोगियों में बिखरे पड़े यात्रियों के सामान को एकत्रित करके जीआरपी को सौंप दिया। यात्रियों के लिए पीने की पानी की व्यवस्था की। बचाव कार्य के लिए एसएसबी ने तीन टीम बना ली थी। पहली टीम दिन में एक बजे से लेकर रात 10 बजे तक, दूसरी टीम ने रात 10 बजे से तीन बजे तक और तीसरी टीम रात तीन बजे से सुबह 10 बजे तक बचाव कार्य में जुटी रही। बचाव कार्य में सेनानायक प्रथम वाहिनी महराजगंज के एस बनकोटी, सेनानायक 9वीं वाहिनी मूर्ति सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी सुरेन्द्र कुमार, द्वितीय कमान अधिकारी कमल कांत, सेनानायक (चिकित्सा) डॉ. विनय अग्रवाल, शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. कमर सिद्दीकी, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद जी, डॉ. सादिक उल्ला, डॉ सुमित सौरभ, उपसेनानायक सतीश कुमार, सहायक सेनानायक पी.एल. शर्मा, पप्पू चकमा, शैलेन्द्र सिंह, रमेश शेरावत, सीओ हरपाल सिंह आदि प्रमुख थे।
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