गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में अगले सत्र से व्यक्तित्व विकास पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। हर ट्रेड और हर पाठ्यक्रम के साथ इसकी अनिवार्यता होगी। इसकी परीक्षा में पास होना जरूरी होगा लेकिन बीटेक, एमटेक, एमसीए, एमबीए जैसे परीक्षाफल में इसके नंबर नहीं जोड़े जाएंगे बल्कि अलग से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
इसका मकसद विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में मौजूद उन सामान्य कमजोरियों को दूर करना है, जिनकी वजह से वे प्लेसमेंट के समय साक्षात्कार में असफल हो जाते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया व्यक्तित्व विकास के पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को अंग्रेजी के धाराप्रवाह और सही इस्तेमाल का तरीका सिखाया जाएगा तो परिस्थितियों के मुताबिक हाव-भाव बदलने की सीख भी दी जाएगी। ताकि वे खुद को और अपने ज्ञान को सही से प्रदर्शित कर सकें। पूर्वांचल के विद्यार्थियों के बीच इस तरह के पाठ्यक्रम की जरूरत ज्यादा महसूस होने के कारण ऐसी पहल की जा रही है। कुलपति ने बताया कि पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार किया जा रहा है, जबकि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की रजामंदी के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा।
शिक्षकों को क्रियाशील बनाने की है कोशिश
गोरखपुर। एमएमएमयूटी जहां एक तरफ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के लिए पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है, वहीं शिक्षकों को और क्रियाशील बनाने की योजना पर भी विचार चल रहा है। कुलपति ने बताया कि शिक्षकों की प्रोन्नति उनके सेवाकाल की अवधि उम्र के आधार पर नहीं बल्कि उनकी शैक्षिक क्रियाशीलता पर निर्भर करेगी। कोशिश है कि शिक्षकों को कक्षा में अध्यापन के अलावा शोध कार्यों के लिए भी प्रेरित किया जाए।