गोरखपुर। छपरा से लखनऊ के बीच रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का काम तेज हो गया है। गोंडा से बाराबंकी और छपरा से सीवान के बीच कार्य पूरा होने के बाद रेलवे स्टेशन पर काम शुरू कर दिया गया है। चार प्लेटफॉर्म पर लाइन बनाने के लिए खंभे गाड़ने का काम किया जा रहा है। दिसंबर 2014 तक विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने का लक्ष्य रेलवे ने रखा है। यानी नये साल में गोरखपुर से लखनऊ का सफर तय करने में करीब आधे घंटे की बचत होगी।
विद्युतीकरण से एक्सप्रेस और सुपरफास्ट एक्सप्रेस की रफ्तार भी तेज हो जाएगी। अभी वैशाली और गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस की औसत रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे के बीच है। लेकिन बिजली से चलने के बाद यह रफ्तार 80 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी। रफ्तार बढ़ने से समय की बचत होगी। छपरा से लखनऊ के बीच 424 किलोमीटर विद्युतीकरण कार्य में करीब 60 फीसदी पूरा हो गया है। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो, तीन और चार पर ट्रैक्शन का कार्य शुरू हो गया है। सभी प्लेटफॉर्म पर खंभे गाड़ दिये गए हैं। अब इसके बाद तार खींचने का काम शुरू होगा।
पांच एमवीए के तीन उपकेंद्र बनेंगे
बिजली से ट्रेन चलाने के लिए पांच-पांच एमवीए के तीन उपकेंद्र बनने हैं। ये उपकेंद्र गोरखपुर, संतकबीरनगर और बस्ती में बनेंगे। बाकी जगहों पर उपकेंद्र बनकर तैयार हो गए हैं।