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सीनियर डॉक्टरों का भी कार्य बहिष्कार, ओपीडी ठप

Tue, 04 Mar 2014 05:30 AM IST
Gorakhpur
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गोरखपुर। कानपुर मेडिकल कॉलेज में हुई घटना को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज का माहौल गरमाता जा रहा है। सोमवार को सीनियर डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हो गए और कार्य बहिष्कार किया। जूनियर डॉक्टरों पहले प्रदर्शन करते हुए ओपीडी बंद कराई, उसके बाद ट्रामा सेंटर के गेट पर धरना दिया। ओपीडी न चलने के चलते अस्पताल में सन्नाटा पसरा रहा और सभी वार्ड नर्सों के हवाले रहे। परेशान मरीज व तीमारदारों को बिना इलाज वापस लौटना पड़ा।
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सुबह नौ बजे से ही जूनियर डॉक्टर ट्रामा सेंटर पर जुटने लगे। उधर सीनियर डॉक्टरों ने ओपीडी भी शुरू कर दिया। जब इसकी सूचना जूनियर डॉक्टरों को मिली तो नारेबाजी करते हुए पहले मेडिसिन की ओपीडी में पहुंच गए और वहां डॉक्टरों से ओपीडी बंद करने का आग्रह करने लगे। सीनियर डॉक्टरों ने आग्रह माना और ओपीडी बंद हो गई। डॉक्टरों का उत्साह बढ़ा और उन्होंने बारी-बारी से बाल रोग, स्त्री रोग, नेत्र रोग समेत सभी ओपीडी को बंद करा दिया। उसके बाद सभी सीनियर डॉक्टरों को हड़ताल में साथ आने का आह्वान करते हुए जूनियर डॉक्टर ट्रामा सेंटर गेट पर पहुंचे और वहां प्रदर्शन करने के बाद धरने पर बैठ गए। दोपहर बाद जूनियर्स के आग्रह को स्वीकार करते हुए मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने दोपहर बाद बैठक की और कानपुर की घटना में शामिल दोषियों पर कार्यवाई की मांग करते हुए सोमवार को कार्य बहिष्कार का निर्णय ले लिया। बाद में इसकी सूचना कॉलेज के प्राचार्य प्रो. केपी कुशवाहा को भी दे दी। इस बीच विभिन्न जिलों से आए मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वे कॉलेज प्रशासन को कोसते नजर आए।
मौत हुई तो होगा मुकदमा
गोरखपुर। सुबह से जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य बीएस भुल्लर प्राचार्य डॉ. केपी कुशवाहा के पास बार-बार मैसेज कर रहे थे। जिसमें इस बात की हिदायत थी कि भर्ती मरीजों को हर हाल में कोई दिक्कत न हो। इसे लेकर प्राचार्य ने निर्देश जारी कर दिया कि यदि इलाज के अभाव में किसी की मौत होती है तो उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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पर्ची समेत केस हिस्ट्री उठा ले गए डॉक्टर
गोरखपुर। जूनियर डॉक्टर ओपीडी बंद कराने के क्रम में जब बाल रोग विभाग पहुंचे तो इतने गुस्से में थे कि वहां मौजूद कई मरीजों की पर्चियों को भी उठा ले गए। महराजगंज से आए एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि मेरी पर्ची में तीन साल की पूरी केस हिस्ट्री थी। अब कैसे पता चलेगा कि कब क्या इलाज हुआ था। इस बाबत प्राचार्य प्रो. कुशवाहा ने कहा कि मामला शांत होते ही पर्ची मरीजों को दिला दी जाएगी। मरीजों को खोजेंगे कैसे? इस सवाल का जवाब उनके पास नहीं था।
आज भी ओपीडी खुलने पर संशय
गोरखपुर। हड़ताल की वजह से मंगलवार को भी ओपीडी प्रभावित रह सकती है। सूत्रों ने बताया कि मंगलवार की सुबह साढ़े नौ बजे बैठक कर सभी टीचरों की सहमति से निर्णय लिया जाएगा कि आगे ओपीडी चलानी है या फिर बंद रखनी है। सूत्रों की माने तो कार्रवाई से बचने के लिए टीचर्स सामूहिक अवकाश पर भी जा सकते हैं।
0 आज चेतना तिराहे पर सभा करेंगे डॉक्टर
गोरखपुर। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. वीके गुप्ता और सचिव डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि कानपुर में हुई घटना पर विरोध जताने के लिए आईएमए से जुड़े सभी चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज के सीनियर डॉक्टर, जूनियर डॉक्टर, डेंटल एसोसिएशन के डॉक्टर मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे चेतना तिराहे पर एकत्रित होंगे। यहां सभा के बाद अगला निर्णय लिया जाएगा। बताया कि आईएमए की हड़ताल जारी रहेगी।
कैंडल जुलूस में दिखी डॉक्टरों की एकता
गोरखपुर। कानपुर में हुई घटना पर विरोध जताने के लिए लगातार तीसरे दिन भी डॉक्टरों ने कैंडल जुलूस निकाला। फर्क इतना था कि इस बार के जुलूस में शहर भर के डॉक्टर मौजूद थे। परिसर में निकलने वाले इस जुलूस में डॉक्टरों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व एमएलसी डॉ. वाईडी सिंह, प्राचार्य डॉ. केपी कुशवाहा, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. वीएन अग्रवाल, आईएमए से जुड़े कई वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद रहे। इस मौके पर वाईडी सिंह ने कहा कि डॉक्टरों के साथ अत्याचार हो रहा है। हड़ताल आगे भी जारी रहेगी।
जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी
गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में नए मरीजों के भर्ती न होने की वजह से जिला अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। लिहाजा कई मरीजों को जिनका काम बिना भर्ती किए दो-तीन चल सकता है उन्हें लौटा दिया जा रहा है। सिकरीगंज निवासी पुरुषोत्तम के साथ भी ऐसी ही मजबूरी सामने आई। उनका ब्लड प्रेशर काफी हाई था। डॉक्टरों ने देखा और बेड खाली न होने की वजह से उन्हें भर्ती नहीं किया। पुरुषोत्तम की हालत ठीक नहीं थी। वह चल नहीं पा रहे थे। लिहाजा उनके बेटे मन्नू लाल ने उन्हें जमीन पर मुख्य गेट के पास लिटा दिया था।
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