गोरखपुर। चौरीचौरा एक्सप्रेस से गोरखपुर आ रहे भारतीय किसान यूनियन के 21 कार्यकर्ता मजिस्ट्रेट चेकिंग के दौरान बेटिकट यात्रा करते पकड़ लिए गए। कार्यकर्ताओं और सिपाहियों में इस दौरान हाथापाई भी हुई। सूचना मिलते ही यूनियन के जिलाध्यक्ष सतीश ओझा भारी संख्या में कार्यकर्ताओं को लेकर रेलवे स्टेशन पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने अपने साथियों को छोड़ने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंचकर रेल अधिकारियों ने उन्हें समझाया और न्यूनतम जुर्माना लेकर छोड़ दिया। उधर, इसके विरोध में कैंपियरगंज में भाकियू कार्यकर्ताओं ने रेल लाइन पर प्रदर्शन किया।
चौरीचौरा में सवार भाकियू के कार्यकर्ता इलाहाबाद अधिवेशन से लौट रहे थे। रेलवे मुख्यालय के आदेश पर सुबह से ही ट्रेनों में चेकिंग चल रही थी। चौरीचौरा एक्सप्रेस को कैंट छावनी और नंदानगर क्रॉसिंग के बीच रोककर टिकट चेकिंग किया गया। इस दौरान भाकियू के 21 कार्यकर्ताओं को बेटिकट यात्रा करते पकड़ लिया गया। चेकिंग टीम ने पहले से सिविल पुलिस को बुला रखा था। पुलिस पकड़े गए कार्यकर्ताओं को ट्रेन से नीचे उतारने लगी तो विरोध शुरू हो गया। इस बीच हाथापाई भी हुई। कार्यकर्ताओं को बस से स्टेशन लाया गया इसमें महिलाएं भी शामिल थीं। इसकी सूचना मिलते ही जिलाध्यक्ष अपने साथियों के साथ स्टेशन पहुंच गए। कार्यकर्ता नारेबाजी कर हंगामा करने लगे। इसी बीच वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवा) राकेश त्रिपाठी और एरिया मैनेजर जेपी सिंह पहुंच गए। कार्यकर्ताओं से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। चार्जशीट जारी होने के कारण न्यूनतम जुर्माना लेकर सभी कार्यकर्ताओं को कुछ देर में छोड़ दिया गया। वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष सतीश ओझा ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को मारापीटा गया। महिलाओं को भी चोटें आई है।
55 बेटिकट पकड़े गए
गोरखपुर। चेकिंग अभियान में कुल 55 बेटिकट यात्री पकड़े गए। चौरीचौरा एक्सप्रेस के अलावा सत्याग्रह एक्सप्रेस, मौर्या एक्सप्रेस और गोरखपुर-नरकटियागंज सवारी गाड़ी में चेकिंग की गई।