गोरखपुर। इंसेफेलाइटिस पर रोक लगाने की दिशा में प्रशासन एक और पहल करने जा रहा है। जिले के इंसेफेलाइटिस प्रभावित क्षेत्रों और पीड़ित परिवारों को मेडिकेटेड मच्छरदानी देने की तैयारी है। यूनिसेफ(यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेन इमरजेंसी फंड) से मिली 800 मेडिकेटेड मच्छरदानी क ा वितरण कब शुरू होगा इसका निर्धारण शुक्रवार को हो जाएगा। बृहस्पतिवार को यूनिसेफ के एक अफसर अमित मेहरोत्रा ने वितरण की तैयारियों के बारे में जानकारी लेने के अलावा यहां के प्रशासन को इस मच्छरदानी के बारे में जानकारी दी।
डब्लूएचओ (वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन) से प्रमाणित इस मच्छरदानी की कई खासियतें हैं। आपदा प्रबंधन कार्यालय के संयोजक गौतम के अनुसार इसके संपर्क में आते ही मच्छर मर जाएगा। तीन से पांच साल तक यह उपयोगी बनी रहेगी। इसे 15 से 30 बार धोया जा सकता है। इतनी धुलाई के बाद भी इसका प्रभाव कम नहीं होगा। यह मच्छरदानी स्विटजरलैंड में बनती है और प्रत्येक की कीमत करीब 2500 रुपये है।
यूनिसेफ, इसे शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर इस्तेमाल में लाता है। डीएम रवि कुमार एनजी ने यहां इंसेफेलाइटिस के मौजूदा हालात और उससे होने वाली मौतों का हवाला देते हुए इसे इंसेफेलाइटिस प्रभावित क्षेत्रों और परिवारों को देने की सिफारिश की थी जिसपर यूनिसेफ के अफसर राजी हो गए।
बता दें कि डीएम के शहर में नहीं होने की वजह से बृहस्पतिवार को इसके वितरण के बारे में निर्णय नहीं किया जा सका। देर रात तक उनके यहां पहुंच जाने की संभावना बताई जा रही थी लिहाजा अब शुक्रवार को यह तय हो जाएगा कि इसका वितरण कब शुरू होगा।