गोरखपुर। बेटी की डोली उठने के कुछ घंटे बाद ही पिता की जलती चिता देखकर हर आंख से आंसू निकल गए। सभ्या ने अपनी शादी के जो अरमान संजोए थे वह हादसे में पिता की मौत के बाद चकनाचूर हो गए।
कैम्पियरगंज प्रतिनिधि के अनुसार जिस घर में शुक्रवार की शाम बारात का स्वागत होना था उसी घर में शाम को दाह संस्कार के बाद की रस्में निभाई गईं। बेटी को घर से विदा करने की आस पूरी होने से पहले ही चुन्नी लाल ने अपनी आंखें मूंद लीं। बेटी की विदाई और उसके पिता की मौत के गम में डूबे घर वालों के आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। सोना टीकर, अलगतपुर गांव के चुन्नी लाल (40) की बेटी सभ्या की शुक्रवार को शादी थी। बृहस्पतिवार को घर पर रामचरित मानस के पाठ का आयोजन था। चुन्नी लाल बृहस्पतिवार की सुबह डीजल लेने कैम्पियरगंज गए थे। हरनामपुर गांव के पास कार की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। शाम को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। आनन फानन में सभी रिश्तेदारों और बेटी के होने वाली ससुराल में घटना की जानकारी दी गई। रात पर शव पर विलाप करने के बाद सुबह रिश्तेदारों ने आपस में बैठक कर तय किया कि शादी की रस्म अदा करने के बाद पिता का अंतिम संस्कार किया जाए। सभ्या के ससुराल वालों ने भी इस दु:ख की घड़ी में परिस्थितियों को समझते हुए ढांढस बंधाया और शुक्रवार की सुबह नौ बजे दूल्हे के साथ 15 लोग बारात लेकर गांव के पास स्थित मंदिर में पहुंचे। माता मंदिर में शादी की रस्म अदा करने के बाद ससुराल वाले सभ्या को विदा कराकर लेते गए। बेटी की डोली उठने के कुछ देर बाद ही चुन्नी लाल के शव का रोहिन नदी पर अंतिम संस्कार किया गया।