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अमरमणि और अखिलेश की मुलाकात चर्चा में

Wed, 09 Oct 2013 05:37 AM IST
Gorakhpur
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गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस मरीजों का हालचाल जानने के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने अपनी भूमिका और अपनी घोषणाओं के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को खुद से जोड़ने की कोशिश की
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के ऑडीटोरियम से रवाना हुये तो उनकी फ्लीट फिर उस गेट के सामने रुकी जिसकी इमारत में अमर मणि त्रिपाठी अपनी पत्नी मधु मणि के साथ भर्ती हैं। मुख्यमंत्री ने वीआइपी वार्ड में भर्ती पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और सजायाफ्ता गोपाल यादव, मधुमिता कांड में सजा भुगत रहे पूर्व विधायक अमर मणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधु मणि से मुलाकात किया। महराजगंज लोकसभा क्षेत्र से अमर मणि के धुर विरोधी कुंवर अखिलेश सिंह की प्रत्याशिता पर पार्टी की मुहर लग जाने के बाद सीएम की इस मुलाकात के सियासी अर्थ ढूंढे जाने लगे हैं।
महराजगंज की राजनैतिक धरती पर अमर मणि त्रिपाठी और कुंवर अखिलेश सिंह का विरोध लंबे समय से चला आ रहा है। बीते विधानसभा चुनाव में अखिलेश सिंह के भाई कुंवर कौशल सिंह अमर मणि के पुत्र अमन को ही शिकस्त देकर कांग्रेस के विधायक बने जबकि अमन को सपा ने टिकट दिया था। अबकी लोस चुनाव के लिये पार्टी ने अमर मणि के प्रतिद्वंद्वी कुंवर अखिलेश सिंह को मैदान में उतार दिया जिसके बाद से महराजगंज की सियासत चर्चाओं के हवाले हो गई। कांग्रेस विधायक के भाई को चुनाव लड़ाने को लेकर जहां विरोध के स्वर उठे वहीं मणि खेमे की लगातार हार को भी इसका कारण माना गया। इस बीच हजार कोशिशों के बावजूद सपा का अंदरूनी कलह भी रह-रह कर उभरता रहा। अखिलेश सिंह का पक्ष जहां चुनाव की तैयारियों में व्यस्त हो चुका है, मणि खेमा अब भी प्रत्याशिता को लेकर दावे करने में नहीं चूक रहा है।
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मंगलवार को इंजीनियरिंग कालेज से मुख्यमंत्री अभी मेडिकल कालेज नहीं पहुंचे थे जब अमर मणि के भाई डा. अजीत मणि, उनके पुत्र अमन मणि, पूर्व मंत्री श्याम नारायण तिवारी और महराजगंज सदर के सपा विधायक सुदामा प्रसाद लोकार्पण वाले कक्ष में एक साथ प्रवेश कर गये। इनमें तीन तो अमर मणि के परिवार के ही हैं। कांग्रेस छोड़कर सपा में आने के बाद विधायक बने सुदामा को उनके खेमा का नया किंतु विश्वसनीय चेहरा माना जाता है। ऐसे सियासी हालात में मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को लेकर सियासी चौपालों पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे अमर मणि की नाराजगी से संभावित नुकसान के नियंत्रण की सियासी समझ मान रहे हैं तो यह भी आशंका जताई जा रही है कि सपा नेतृत्व अपने फैसले पर विचार कर सकता है। हांलाकि पूर्व सांसद अखिलेश सिंह का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीज को देखने तो जाया ही जाता है। अमर मणि पर अब कोई प्रतिक्रिया नहीं दी जा सकती। उनकी और उनके पक्ष के किसी की भी उपस्थिति न होने पर उन्होंने कहा कि दो सप्ताह पहले दो घंटे सीएम के साथ रहा। जो काम सौंपा गया है उसे पूरा करने में जुटा हूं।
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