गोरखपुर। सदर सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदहाल सड़कें अघोषित बिजली कटौती, इंसेफेलाइटिस से हो रही मौतें तथा खराब कानून-व्यवस्था को लेकर जनता बीते 16 सितंबर से आंदोलन कर रही है। लेकिन किसी के कान पर जूं नहीं रेंग रहा है। इससे स्पष्ट हो गया है कि शासन-प्रशासन अपराधियों के साथ त्रिगुट बनाकर जनता की कमाई लूट रहा है। इसके कारण विकास पर विराम लग गया है।
योगी ने यह बातें शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर चल रहे दस दिवसीय धरने के प्रथम चरण के आंदोलन के अंतिम दिन उपस्थित लोगों के बीच कही। उन्होंने कहा कि गोरखपुर का प्रशासन यदि संवेदनशील होता तो अब तक सड़कों की बदहाली कुछ हद तक दूर हो गई होती। बिजली की आपूर्ति नियमित की गई होती। जले हुए ट्रांसफार्मर बदल दिए गए होते। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस से निपटने के लिए इंडिया मार्क टू हैंडपंप की योजना स्वीकृत हुई है। ऐसा इस लिए किया गया कि शुद्ध पेयजल से इस बीमारी से बचा जा सकता है, पर इसका दुरुपयोग सपा के लोग कर रहे हैं। इससे लगता है कि पूरा प्रशासन जड़ता का शिकार हो गया है।
सदर सांसद ने कहा कि शासन-प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण दूसरे चरण का आंदोलन अब 23 सितंबर से किया जाएगा। उस दिन भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता मुख्य अभियंता विद्युत के दफ्तर का घेराव करेंगे। उस दिन नोटिस चस्पा का तालाबंदी उनके दफ्तरों पर किया जाएगा। हिंदू युवा वाहिनी बांसगांव इकाई और विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ता एनएच के दफ्तर पर तालाबंदी करेंगे। 24 को नौसड़ में जनपंचायत का आयोजन किया गया है। जिसमें प्रशासन को चेतावनी दी जाएगी। 26 को मेडिकल कॉलेज से पदयात्रा निकाली जाएगी। जो कमिश्नर दफ्तर पर आकर समाप्त होगी। धरने में डॉ. रामविलास वेदांती, डॉ. बीएन अग्रवाल, उपेंद्र पाठक, सुधीर कुमार, हरिप्रकाश मिश्र, विजय यादव, शीतल पांडेय, राजशरण शाही, गोरख सिंह, विष्णु कांत शुक्ला, विनोद कुशवाहा, ध्यानपाल सिंह, डॉ. डीआर धवन, ध्यानपाल सिंह आदि मौजूद थे।