गोरखपुर। रसोई गैस वितरण में अनियमितता से बौखलाए हिमांशु गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं का रविवार को सब्र टूट गया। गैस एजेंसी पहुंचकर ताला लगाने के बाद उपभोक्ता एजेंसी पर धरने पर बैठ गए । मौके पर पहुंचे जिला पूर्ति अधिकारी ने उपभोक्ताओं की शिकायत पर एजेंसी को सील कर दिया। कहा कि जांच चलती रहेगी, इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
राप्तीनगर स्थित हिमांशु गैस एजेंसी के उपभोक्ता वितरण में अनियमितता, गैस की कालाबाजारी सहित कई समस्याओं को लेकर लंबे समय से चक्कर लगा रहे थे। रविवार को उपभोक्ताओं ने एजेंसी पर पहुंचकर मन की भड़ास निकाली। भाजपा के पूर्व पार्षद बृजेश सिंह छोटू ने बताया कि 27 नवंबर से पहले हुई बुकिंग को एजेंसी की तरफ से निरस्त कर दिया गया था। जिससे उपभोक्ता सब्सिडी वाला गैस पाने से वंचित रह गए। बहुत से ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने गैस ली ही नहीं और रिकार्ड में सिलेंडर की डिलीवरी दर्ज कर दी गई। उन्होंने बताया कि धरना, प्रदर्शन के दौरान इंडियन आयल के एरिया मैनेजर आलोक चौधरी से भी बात की गई। पहले तो अधिकारी ने आने में असमर्थता जताई, बाद में उपभोक्ताओं का आक्रोश देख कार्रवाई का आश्वासन दिया। राप्तीनगर कल्याण संस्थान के पूर्व महामंत्री संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सब्सिडी वाले गैस बुकिंग को निरस्त करना, केवाईसी फार्म के नाम पर 20 रुपये की वसूली सहित कई अनियमितताओं की शिकायत पहले ही की जा चुकी थीं। इधर, जिला पूर्ति अधिकारी पीके त्रिवेदी भी अपनी टीम के साथ एजेंसी पर पहुंच गए। उपभोक्ताओं ने उनको भी बारी-बारी से अपनी समस्याएं बताईं। त्रिवेदी ने बताया कि उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद विस्तृत जांच हेतु एजेंसी को सील कर दिया गया है। सोमवार को इंडियन आयल के अधिकारियों से भी बात की जाएगी। मामले में जांच के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं के बयान दर्ज
गैस एजेंसी पर जिला पूर्ति अधिकारी को उपभोक्ताओं ने अपनी समस्याएं बताईं। यहां पर जिला पूर्ति कार्यालय की टीम ने 70 उपभोक्ताओं के बयान दर्ज किए।