गोरखपुर। बनने के एक दशक बाद भी चालू नहीं हो सके आधे दर्जन से अधिक ओवरहेड टैंक (पानी की टंकियों) को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने संजीदगी दिखाई है। जीडीए उपाध्यक्ष ने सोमवार को इस मामले में सचिव हरिचरण सिंह को पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने अधिशासी अभियंता, संबंधित परियोजना के सहायक अभियंता और संबंधित सहायक संपत्ति अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर पानी की आपूर्ति न हो पाने की वजहें तलाशने का निर्देश दिया है तथा 15 दिन के भीतर रिपोर्ट देने को कहा है। टीम को पानी की आपूर्ति में आने वाली बाधाएं चिह्नित करके उसके निस्तारण के लिए भी प्रस्ताव भेजने को कहा है।
बुद्ध विहार व्यवसायिक कॉलोनी से लेकर रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र तक जीडीए ने करीब सात ओवरहेड टैंक बनवाए थे। जीडीए के मुताबिक पानी की आपूर्ति के लिए जीडीए द्वारा बसाई गई कॉलोनियों तक पाइपलाइन भी बिछाई जा चुकी है। कई बार टैंक भरकर उनकी जांच भी की जा चुकी है। बुद्ध विहार के एक टैंक को छोड़कर अन्य टैंक और पाइपलाइन दुरुस्त हैं। निर्माण विभाग का कहना है कि बुद्ध विहार में स्थित टैंक से मामूली रिसाव हो रहा था जिसकी मरम्मत की जा रही है। जीडीए अफसरों का दावा है कि कॉलोनियों के घर ही नहीं खाली प्लाट तक पाइपलाइन पहुंचा दी गई है, लेकिन कोई कनेक्शन लेने को तैयार ही नहीं। वहीं इन टैंक की व्यवस्था संभालने से नगर निगम का इन्कार, जीडीए के इस दावे पर सवाल खड़े कर रहा है। हैंडओवर को लेकर नगर निगम और जीडीए के अफसरों की कई बार बैठक हो चुकी है लेकिन बात बनी नहीं। निगम ने यह कहकर ओवरहेड टैंक लेने से इन्कार कर दिया कि निर्माण अभी पूरा नहीं है। उन्हें चालू हालत में ओवरहेड टैंक चाहिए।
पानी की आपूर्ति में आने वाली बाधाओं और उसके निस्तारण की वजह तलाशने के लिए टीम बनाई गई है। 15 दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। ओवरहेड टैंक को हैंडओवर करने के लिए नगर निगम के साथ दो-तीन बार बैठक हो चुकी है। टैंक और पाइपलाइन दुरुस्त हैं या नहीं, इसकी जांच करा लेने के लिए भी कहा गया। जीडीए इस शर्त पर भी राजी है कि अगर निगम को कहीं कोई गड़बड़ी लगती है तो वह सर्वे करा ले, जीडीए मरम्मत पर आने वाले खर्च की पूरी रकम तत्काल अदा कर देगा।
- शिव श्याम मिश्रा, उपाध्यक्ष जीडीए
ओवर हेड टैंक हैंडओवर करने के मसले पर जीडीए के साथ बैठक हुई थी। उनके टैंक चालू हालत में नहीं हैं। जब तक टैंक से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो जाएगी, नगर निगम उसे नहीं लेगा। निगम के पास कोई ऐसा प्रावधान नहीं है कि वह टंकी की मरम्मत आदि का खर्च लेकर हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी करे।
- राजेश कुमार त्यागी, नगर आयुक्त
कॉलोनी टैंक की संख्या
बुद्ध विहार 2
सिद्धार्थ इनक्लेव 1
सिद्धार्थ इनक्लेव विस्तार 1
सिद्धार्थपुरम 1
गौतम विहार 1
बुद्ध विहार व्यवसायिक 1