मंदिरों को सांप्रदायिकता का केंद्र बताने वाले अब जप रहे राम नाम: योगी
- मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर बोला तीखा हमला
- बोले-कांग्रेस नेता मंदिर में ऐसे बैठते हैं, जैसे नमाज पढ़ रहे
- मंदिर निर्माण में कांग्रेस, बसपा और सपा सबसे बड़ी बाधा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी पर जमकर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आया तो एक परिवार को मंदिर की याद आई है। पांच साल तक मंदिर को सांप्रदायिकता का केंद्र बताने वाले अब राम का नाम जप रहे हैं। काशी विश्वनाथ का दर्शन कर रहे हैं, लेकिन पूजा-पाठ का संस्कार नहीं दिख रहा। मंदिर में ऐसे बैठते हैं, जैसे नमाज पढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को नुमाइश ग्राउंड में गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र की विजय संकल्प सभा से चुनाव प्रचार का आगाज किया। प्रियंका गांधी का नाम लिए बिना मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के संस्कार में महापुरुषों का सम्मान नहीं है। महिला नेता ने काशी विश्वनाथ का दर्शन किया, लेकिन अपने गले की माला को निकालकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मूर्ति पर माल्यार्पण कर दिया। अब अयोध्या आ रही हैं। कांग्रेस नेताओं की पैंतरेबाजी जनता जान चुकी है। योगी ने कांग्रेस के सालाना 72 हजार रुपये देने के वादे को छलावा बताया। उन्होंने कांग्रेस, सपा और बसपा को राम मंदिर के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा बताया। कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने सुप्रीमकोर्ट से कहा था कि इस लोकसभा चुनाव तक राम मंदिर पर फैसला न दिया जाए। इस पर कांग्रेस को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। वहीं, 2012 में सपा की सरकार बनने पर सबसे पहले राम मंदिर पर हमला करने के आरोपियों से मुकदमे हटाए गए थे।
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