गोरखपुर। बांसगांव (सुरक्षित) लोकसभा क्षेत्र से सांसद कमलेश पासवान पर भाजपा ने तीसरी बार भरोसा जताया है। वह 2009 में पहला चुनाव जीते थे, फिर 2014 में भी संसद पहुंचे।
बांसगांव संसदीय सीट कमलेश पासवान को विरासत में मिली थी। उनके पिता ओमप्रकाश पासवान इसी सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे लेकिन उनकी हत्या हो गई। इसके बाद मां सुभावती पासवान इसी सीट से 1996 में सपा की सांसद बनीं। 2009 में भाजपा ने कमलेश को प्रत्याशी बनाया। पिछला चुनाव कमलेश ने बड़े अंतर से जीता था। जितना मत कमलेश को मिला था, उतना मत सपा, बसपा और कांग्रेस प्रत्याशी मिलकर नहीं हासिल कर सके थे। सांसद के भाई डॉ. विमलेश पासवान बांसगांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। इस लोकसभा सीट से पांच विधानसभा क्षेत्र (बांसगांव, चौरीचौरा, चिल्लूपार, बरहज और रुद्रपुर) जुड़े हैं। 18 लाख से ज्यादा मतदाता सातवें चरण में 19 मई को मतदान करेंगे।
इस बार लड़ाई त्रिकोणीय
बांसगांव से सपा-बसपा गठबंधन ने दूधनाथ प्रसाद और कांग्रेस ने कुश सौरभ को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे में इस क्षेत्र से त्रिकोणीय लड़ाई की उम्मीद जताई जा रही है।
एक नजर में
2014
प्रत्याशी पार्टी मत फीसदी
कमलेश पासवान भाजपा 47.61
सदल प्रसाद बसपा 26.02
गोरख प्रसाद सपा 15.23
संजय कुमार कांग्रेस 5.77
2009
कमलेश पासवान भाजपा 34.35
श्रीनाथ बसपा 26.22
शारदा देवी सपा 17.43
महावीर प्रसाद कांग्रेस 11.17