गोरखपुर। जिले के लोगों में असलहे के प्रति ललक कितनी ज्यादा है इसका अंदाजा महज 22 से 24 दिन में बिके शस्त्र लाइसेंस के चार हजार फार्मों से लगाया जा सकता है। हालत यह है कि पहले चरण के तहत छप कर आए फार्म भी खत्म हो गए हैं। और दो हजार फार्म छपवाने के लिए डीएम की अनुमति मांगी गई है। इस बीच जो आवेदन पत्र जमा हो गए हैं उन्हें तहसील और पुलिस की रिपोर्ट के लिए भेजा जाएगा। फार्मों की बिक्री से प्रशासन को करीब 28 लाख रुपये की आय हो चुकी है।
उधर, आवेदन पत्रों के खत्म होने के बाद भी शस्त्र कार्यालय पर लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। सुबह दफ्तर खुलते ही पूछताछ के लिए लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो जा रहा है जो शाम को दफ्तर बंद होने तक जारी रहता है। तंग आकर कार्यालय के कर्मचारियों को बुधवार को फार्म खत्म होने के संबंध में नोटिस चस्पा करना पड़ा। फार्म बिकने की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि दो से तीन महीने के भीतर ही जिले में वर्तमान समय में जितने लाइसेंस हैं, उतने ही और आवेदन जिला प्रशासन के पास आ जाएंगे। जिले में करीब 22 हजार शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए हैं।
14 तक गति नियंत्रक उपकरण लगाना जरूरी
गोरखपुर। तीन पहिया वाहनों को छोड़कर सभी वाणिज्यिक/परिवहन वाहनों में 14 जनवरी 2019 तक गति नियंत्रक उपकरण (एसएलडी) लगाना जरूरी है। एआरटीओ (परिवहन) के मुताबिक एसएलडी लगाने के बाद ही किसी भी वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिटनेस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने से पहले रिफ्लेक्टर, इंडीकेटर, हॉर्न, ब्रेक लाइट, विंड स्क्रीन आदि भी ठीक करवानी होगी।