श्रमिकों, निराश्रितों के लिए बनेंगे सामुदायिक शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिले को पूरी तरह से खुले में शौचमुक्त करने के लिए शासन ने प्रदेश के सभी जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच सामुदायिक शौचालय बनवाने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक शौचालय पर दो लाख रुपये खर्च होंगे। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के निदेशक ने जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेजकर 20 दिसंबर तक प्रस्ताव मांगा है।
जिले को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत प्रत्येक घर में शौचालय बनवाए जा रहें हैं। शौचालय निर्माण के आधार पर गांव ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) घोषित हो रहे हैं। परंतु गांव में आने वाले बाहरी लोगों, मजदूरों, राहगीरों, निराश्रित परिवारों तथा ऐसे परिवार जिनके यहां शौचालय बनवाने के लिए जगह ही नहीं है, उन्हें खुल में शौच जाने से रोक पाना मुश्किल है। स्वच्छ भारत मिशन के निदेशक आकाशदीप व प्रदेश के अपर मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि राहगीरों, श्रमिकों व शौचालय विहीन चुनिंदा परिवारों के खुले में शौच जाने की आशंका बनी रहती है। इससे ओडीएफ की स्थिरता में कठिनाई हो सकती है। इस समस्या को देखते हुए प्रत्येक जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में पांच-पांच सामुदायिक शौचालय भी बनवाए जाएंगे। सीडीओ हाकिम सिंह ने बताया कि मिशन निदेशक व अपर मुख्य सचिव का पत्र मिल गया है। निर्धारित मानक के अनुरूप सामुदायिक शौचालयों के निर्माण के लिए जगह चिह्नित करने के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं। तय तिथि से 20 दिसंबर से पहले प्रस्ताव भेज दिया जाएगा।
सामुदायिक शौचालय ऐसी जगहों पर बनेंगे, जहां गांव के कई परिवार ऐसे हों, जिनके यहां शौचालय बनवाने के लिए जगह न हो अथवा जहां श्रमिकों व अन्य लोगों का आना जाना होता हो। प्रत्येक सामुदायिक शौचालय पर दो लाख रुपये खर्च होंगे। जिनमें से एक लाख 20 हजार रुपये केंद्र सरकार, 60 हजार रुपये राज्य सरकार और शेष 20 हजार रुपये ग्राम पंचायत अपने संसाधन से खर्च करेगी। शौचालय के रखरखाव की जिम्मेदारी या तो ग्राम पंचायत स्वयं उठाएगी अथवा उसका प्रयोग करने वाले शौचालय विहीन को परिवार को इसका जिम्मा दिया जा सकता है। मिशन निदेशक आकाशदीप ने इसके लिए 20 दिसंबर तक प्रस्ताव मांगा है। ग्रामीण क्षेत्रों में तमाम बड़े बाजार ऐसे हैं, जहां आसपास के गांवों के लोग अपनी दैनिक जरूरत के लिए आते हैं लेकिन वहां शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के चलते लोग खुले में शौच जाते हैं। इससे ओडीएफ व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ता है। संतकबीरनगर समेत कई जिलों से इसकी शिकायत मिलने पर शासन ने सामुदायिक शौचालयों के निर्माण का आदेश जारी किया है।