शहर विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं ने वोटिंग फीसदी का खेल बिगाड़ दिया। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा चार लाख 34 हजार 167 वोटर हैं, लेकिन सब घर से नहीं निकले। इसी का नतीजा रहा कि संसदीय सीट की कुल वोटिंग फीसदी 50 फीसदी भी नहीं पहुंच सकी। यदि शहर विधानसभा क्षेत्र में वोटिंग का आंकड़ा 37.76 फीसदी से ज्यादा होता तो इसका असर जरूर पड़ता।
शहर विधानसभा क्षेत्र में दो लाख 36 हजार 902 पुरुष और एक लाख 97 हजार 205 महिला वोटर हैं। इसके बावजूद मतदान केंद्रों पर चहल-पहल नहीं दिखी। सर्वाधिक बूथ वाले सेंट एंड्रयूज और कॉमर्ल स्कूल में एक-एक करके मतदाता आए। वोट डालकर चले गए। यह सिलसिला सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक चला। नीनाथापा इंटर कॉलेज में बने बूथों पर मतदाता तो दिखे लेकिन वोटर लिस्ट की गड़बड़ी से जूझते नजर आए। भाग संख्या और नाम तलाशने में मतदाताओं को घंटों लग गए। इस चक्कर में तमाम वोटर मतदान नहीं कर सके। मोहद्दीपुर के रफी अहमद किदवई इंटर कॉलेज के एक बूथ पर करीब दो घंटे तक मतदान बाधित रहा। ईवीएम के साथ ही वीवीपैट के खराब होने की शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
पिछले चुनाव में 49.13 फीसदी वोटिंग
वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में शहर विधानसभा क्षेत्र के 49.13 वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। तब योगी आदित्यनाथ को सर्वाधिक वोट शहर विधानसभा क्षेत्र से मिले थे। इस क्षेत्र से एक लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से उन्हें जीत मिली थी।