मन में पुराने दिनों की यादें समेटे पुरातन छात्रों का काफिला जुलोजी विभाग की ओर बढ़ रहा था, जो पहले से वहां पहुंच गए थे, वो अपने जिगरी यारों को तलाशने में जुटे थे। आमना-सामना हुआ तो छात्र जीवन के दौरान जिस नाम से एक-दूसरे को अलंकृत करते थे। उसे दोबारा याद किया, गले मिले और यूनिवर्सिटी की मिट्टी को छूकर प्रणाम किया। हॉस्टल और विभाग की लैब देखी, दोस्तो संग सेल्फी ली और दोबारा छात्र जीवन से जुड़ी यादें मन में सहेज कर रवाना हो गए।
मौका था गोरखपुर यूनिवर्सिटी में जुलोजी विभाग के पहले पुरातन छात्र सम्मेलन का। इसे यादगार बनाने में विभाग ने भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। 12 पुरातन छात्रों को ग्लोरी ऑफ डिपार्टमेंट घोषित किया गया, तो वहीं राष्ट्रपति अवार्डी डीआईजी जेपी सिंह को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड दिया गया, जबकि महराजगंज के उद्यमी डॉ. संजय श्रीवास्तव व लखनऊ यूनिवर्सिटी में जुलॉजी विभागाध्यक्ष व सरस्वती सम्मान प्राप्त प्रो. ओमकार को आउटस्टैंडिंग अवार्ड दिया गया। सांस्कृतिक संध्या के दौरान गोरखपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. अशोक कुमार और फैजाबाद यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो. रामअचल सिंह ने इन सभी को सम्मानित किया।
पहली बार जुलोजी विभाग द्वारा आयोजित इस पुरातन छात्र सम्मेलन की शुुरुआत सुबह 10 बजे विभाग में हुई। इसमें करीब 175 पुरातन छात्र-छात्राएं जुटी थीं। पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष प्रो. आरपी सिंह, आयोजक विभागाध्यक्ष प्रो. डीके सिंह व सचिव प्रो. रविकांत उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया। विषय प्रवर्तन पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सीपीएम त्रिपाठी ने किया। संचालन डॉ. वीके सिंह ने किया।
ये हैं ग्लोरी ऑफ डिपार्टमेंट
नेशनल सेंटर फार सेल साइंस पुणे के पूर्व निदेशक पद्मश्री वैज्ञानिक डॉ. ज्ञान चंद्र मिश्र, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डीआईजी जेपी सिंह, पूर्व चीफ कंजर्वेटर फॉरेस्टर यूपी डॉ. श्याम प्रकाश मिश्र, रोसेचर यूनिवर्सिटी यूएसए के प्रोफेसर डॉ. राजेश श्रीवास्तव, आरएमएल अवध विवि के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. जीसी पांडेय, लविवि के विभागाध्यक्ष प्रो. ओमकार, महराजगंज के उद्यमी डॉ. संजय श्रीवास्तव, मुंबई की उद्यमी नीता सिंह, पं. बंगाल में इनलैंड फिसरी के पूर्व निदेशक डॉ. मनीरंजन सिन्हा, लखनऊ के जिला जज संदीप बनर्जी, आईसीएआर लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अजय पांडेय व आईएफएस धर्मदेव राय
आमोद सिंह मेमोरियल प्रतियोगिता में प्रियांशा अव्वल
आमोद सिंह मेमोरियल सेमिनार प्रतियोगिता के विजेताओं के नाम की घोषणा भी शुक्रवार को पुरातन छात्र सम्मेलन के दौरान की गई। इसमें यूनिवर्सिटी की छात्रा प्रियांशा को पहला, सेंट एंड्रयूज कॉलेज की प्रज्ञा चौबे को दूसरा और यूनिवर्सिटी के एमएससी की छात्रा आकांक्षा श्रीवास्तव को तीसरा स्थान मिला। मुख्य अतिथियों ने इन्हें नकद पुरस्कार और सर्टिफिकेट प्रदान किया।
अनूठी शैली में रामचरितमानस और मधुशाला ने गुदगुदाया
पुरातन छात्र सम्मेलन में शाम को आजमगढ़ के हरिमोहन पांडेय और उनकी टीम ने अनूठी शैली में रामचरितमानस और मधुशाला को एक साथ मंच से प्रस्तुत किया। कलाकारों ने इतनी बखूबी से एक लाइन मानस और दूसरी मधुशाला गाई। ताज्जुब ये कि दोनों के अर्थ मिलते-जुलते निकल रहे थे। एक साथ इनकी प्रस्तुति ने मनोरंजन के साथ सभी को गुदगुदाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व कुलपति प्रो. अशोक कुमार और प्रो. रामअचल सिंह रहे। इस दौरान जुलोजी हेड प्रो. डीके सिंह, डॉ. विनय सिंह, प्रो. गोपाल प्रसाद, प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा, प्रो. सतीश चंद पांडेय समेत अन्य शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे।