गोरखपुर। गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय में मंगलवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दो बार से अधिक रक्तदान कर चुके लोगों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर सेमिनार का भी आयोजन हुआ, जिसमें बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के सहायक निदेशक माधव श्याम त्रिपाठी ने रक्तदान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि देश में रक्त की भारी कमी को देखते हुए स्व-रक्तदाताओं की काफी जरूरत है। इस दौरान उन्होंने व्यावसायिक रक्तदाताओं से सावधान रहने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के संयोजक एवं ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. अवधेश अग्रवाल ने गुरु गोरक्षनाथ ब्लड बैंक की सेवाओं की जानकारी दी। बताया कि भारत सरकार के आह्वान पर वर्ष 2020 तक संपूर्ण ब्लड बैंक को केवल स्व-रक्तदाताओं के रक्त से ही मरीजों को रक्त आपूर्ति करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे मरीजों के घरवालों को रक्त के बदले रक्त देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
गोरखनाथ मंदिर के कार्यपालक अधिकारी प्रो. यूपी सिंह ने कहा कि समर्पण के भाव से समाज के लिए रक्तदाताओं द्वारा किए जा रहे कार्य की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. वीके सिंह ने किया।