पौली/मेंहदावल(संतकबीरनगर)। बारिश के कारण घाघरा और राप्ती के जल स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। घाघरा का पानी जहां पडरिया गांव के पास रामपुर- मकदूमपुर बांध पर पहुंच कर दबाव बनाने लगा है। वहीं बांध से दक्षिण बसे नकहा और पडरिया गांव के 32 घर पानी से घिर गए हैं। गांव के लोगों को घर निकलने के लिए केवल बांध से गया हुआ रास्ता बचा है। वहीं राप्ती विशुनपुर बांगर और खैरा मंदिर के साथ तेजी से कटान कर रही है। शनिवार सुबह से घाघरा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा। नकहा गांव निवासी तीरथ, खददुश, लालबहादुर, पडरिया के रहने वाले सुक्खु, अंगद, धर्मेंद्र, निर्मल समेत 32 लोगों के मकान को बाढ़ का पानी तीन तरफ से घेर लिया है। लोगों ने बताया कि निकलने के लिए तो अभी बांध पर जाने वाला रास्ता खाली है, लेकिन पशुओं के खिलाने के लिए चारे का इंतजाम कहीं पर भी नहीं रह है। बढ़ते जलस्तर को देखकर यही लग रहा है पानी इसी तरह बढ़ा तो दो दिन के अंदर घर छोड़ देना पडे़गा। उधर, नदी के पानी को बांध पर दबाव बनाता देख सिचाई विभाग भी बांध के मरम्मत का कार्य शुरु कर दिया है। एक्सईएन आर एन सिंह यादव ने बताया कि घाघरा खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। वैसे जल स्तर में वृद्धि हो रही है, लेकिन बांध पूरी तरह से मजबूत है।
करमैनी-बेलौली तटबंध पर राप्ती विशुनपुर बांगर व खैरा मंदिर के पास तेजी से कटान कर रही है। नदी का जल स्तर तेजी से बढ़कर 78.75 मीटर पहुंच गया हैं। यह खतरे के निशान से 75 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं विशुनपुर बांगर में वैकरोलिंग के कारण कटान की स्थिति बनी हुई है। यहां ठेकेदार के माध्यम से कुछ मजदूर लगाए गए हैं, पर कटान पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। शनिवार को डीएम मार्कंडेय शाही व विधायक राकेश सिंह बघेल ने कटान स्थलों का जायजा लेकर बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया था, उसके बाद भी खैरा मंदिर के समीप हो रहे कटान को रोकने की पहल विभाग नहीं कर रहा है। क्षेत्र के मानवेन्द्र प्रताप सिंह, इन्द्रसेन सिंह, क्रांति सिंह, सुरेश यादव आदि लोगों का कहना है कि विधायक व डीएम के निर्देश का अनुपालन तटबंध पर तैनात कर्मचारी नहीं कर रहे हैं, न ही रात्रि विश्राम कर रहे हैं। वहीं तेजी से बढ़ते जलस्तर से लोग दहशत के कारण रतजगा करने को मजबूर हैं। एसडीओ एपी चंद ने बताया कि राप्ती के निशान से 75 सेटीमीटर नीचे बह रही है। तटबंध को सुरक्षित करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही हैं और बाढ़ निरोधात्मक कार्य कराये जा रहे हैं। फिलहाल मौजूदा समय मे तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं। डीएम ने बताया कि बांध की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरने का निर्देश दिया गया है। हर रोज एक्सईएन से रिपोर्ट ली जा रही है। वैसे अभी कहीं कोई खतरे की स्थिति नहीं है।