गोरखपुर। तय समय के भीतर 112 लंबित ऑनलाइन शिकायतों का निस्तारण न होने पर डीएम राजीव रौतेला ने कई विभाग के अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। कहा है कि सीएम की प्राथमिकता में होने के बाद शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही गंभीर है। उन्होंने संबंधित अफसरों को हर हाल में सोमवार की रात 12 बजे तक इन मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। साथ ही चेताया भी कि निस्तारण न कर पाने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद संबंधित अफसरों के साथ ही उनके मातहत भी हरकत में आए। कई विभागों में देर शाम तक काम होता रहा। हालांकि एक महीने से लंबित मामलों के चंद घंटों में निस्तारण पर उसकी गुणवत्ता को लेकर सवाल भी उठते रहे।
दरअसल 30 जून तक के मुख्यमंत्री संदर्भ समेत सभी तरह की ऑनलाइन शिकायतों का 31 जुलाई तक निस्तारण करने की तिथि तय की गई थी, मगर सोमवार दोपहर गोरखपुर यूनिवर्सिटी के संवाद भवन में ऑनलाइन शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान डीएम को 112 ऐसे मामले मिले, जो अब भी लंबित थे। इस पर खफा डीएम ने पहले तो संबंधित विभाग के अफसरों को जमकर फटकार लगाई और फिर हर हाल में मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस दौरान आठ विभागों के अफसर अनुपस्थित पाए जाने पर उन्होंने सभी से जवाब तलब करने का निर्देश दिया है। इनमें सहकारिता, पंचायती राज, जलनिगम, होमगार्ड, पशु चिकित्सा, यूपीएसआईडीसी, सिंचाई तथा सरयू नहर खंड के अधिकारियों के नाम शामिल हैं। जवाब देने के लिए सभी को दो दिन की मोहलत दी गई है। साथ ही यह चेतावनी भी कि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।