रेलवे स्टेशन परिसर में बनी सड़क नौ महीने में ही उखड़ने लगी है। इसके बाद भी इसकी न तो जांच कराई गई और न ही कोई कार्रवाई की गई।
मुंबई के लिए नई ट्रेन और पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन को रवाना करने 22 नवंबर 2015 को रेल मंत्री सुरेश प्रभु गोरखपुर आए थे।
उनके आने के पहले रेलवे स्टेशन परिसर की पूरी सड़क बनाई गई थी। हालांकि निर्माण के समय ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे कि निर्माण शाखा के अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया। सड़क की गुणवत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब मई-जून में कई जगह गड्ढे बन गए तो ठेेकेदार ने इसकी पैचिंग कराई। लेकिन हल्की बरसात भी सड़क नहीं झेल सकी। इस समय फर्स्ट क्लास गेट पर सड़क उखड़ने लगी है। कई जगह गड्ढे बन गए हैं।
शनिवार की देर रात हुई बारिश के बाद जलजमाव हो गया और यात्रियों को स्टेशन पहुंचने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही नहीं मेन गेट से प्रवेश करते समय भी सड़क की स्थिति ठीक नहीं है।