गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की बैठक का विरोध करना शोध छात्रा और समाजवादी छात्रसभा की अन्नू प्रसाद सहित चार विद्यार्थियों को मंगलवार को भारी पड़ा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए देरशाम अन्नू प्रसाद, उनके समर्थक एलएलबी के विद्यार्थी शिवशंकर गौड़ लकी और एबीवीपी के सौरभ गौड़ व अनूप भारत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी की कार्यकारिणी की बैठक का सपा छात्रसभा की तरफ से विरोध किया गया। आरोप है कि शोध छात्रा अन्नू प्रसाद की अगुवाई में कई विद्यार्थी एबीवीपी के कार्यक्रम में पहुंच गए और कार्यक्रम में व्यवधान डाला। एबीवीपी के पदाधिकारियों से अभद्रता की। इस पर एबीवीपी की महिला पदाधिकारी और शोध छात्रा अन्नू के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। आरोप है कि शिवशंकर ने महिला पदाधिकार को अपशब्द कहा। इसकी शिकायत एबीवीपी की तरफ से चीफ प्रॉक्टर से की गई। मामले की जांच के बाद उन्होंने शोध छात्रा सहित चार विद्यार्थियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
चीफ प्रॉक्टर का कहना है कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं है। दूसरी तरफ अन्नू प्रसाद ने अपने साथ मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया। साथ ही एबीवीपी के पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराने की तहरीर कैंट थाने में दी। अन्नू का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर को राजनीति का अखाड़ा बनाना ठीक नहीं है। इस कारण विरोध किया था।
एबीवीपी ने साजिश करार दिया
एबीवीपी ने कार्यक्रम में व्यवधान डालने को साजिश करार दिया। पदाधिकारी ने कहा कि एबीवीपी के पदाधिकारियों को उकसा कर मारपीट की साजिश रची गई थी, ताकि कानूनी कार्रवाई का रास्ता मिल सके। साथ देश, प्रदेश की राजनीति में उबाल लाया सके। इस मामले की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।