गोरखपुर। बड़हलगंज ब्लॉक में शिक्षक समायोजन के नाम पर अपात्रों को दावेदार बनाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां तैनात खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ने मनमानी करते हुए विद्यालय में मूल रूप से तैनात शिक्षकों की जगह संबद्ध शिक्षकों को वरिष्ठ दिखा दिया है। कोर्ट ने एक साल पहले ही इन शिक्षकों की संबद्धता निरस्त करते हुए मूल विद्यालय पर सेवा शुरू करने तक इनके वेतन आहरण पर रोक लगा दी थी, इसके बाद भी अनियमितता की गई।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बड़हलगंज पर तैनात नौ शिक्षकों ने बीएसए से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। गुरुवार को बीएसए से मिलने पहुंचे रामप्रवेश राय, अल्पना राय, सुनीता राय, अनीता देवी, वंदना राय आदि ने बताया कि कोर्ट ने कृपाशंकर चौहान, तारा राय, सर्वेश कुमारी राय, सुमन राय की संबद्धता पूर्व माध्यमिक विद्यालय बड़हलगंज से निरस्त करने के साथ ही उनके मूल विद्यालय पर कार्यग्रहण करने तक वेतन पर भी 2016 में ही रोक लगा दी थी, लेकिन लचर कार्यप्रणाली के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बाद में ये शिक्षक राजनीतिक संबंधों का लाभ लेकर बड़हलगंज विद्यालय से फिर वेतन लेने लगे। अब शिक्षक समायोजन का लाभ लेने के लिए भी इन शिक्षकों की ओर से भी दावेदारी की जा रही है, जबकि इन्होंने मूल विद्यालय पर जाकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया।
कुछ और ब्लॉक से भी मिल रहीं शिकायतें
समायोजन को लेकर बीईओ की ओर से तैयार की जा रही सूची में कई ब्लॉक से अनियमितता की शिकायतें लगातार मिल रहीं हैं। चर्चा है कि बीईओ चहेते शिक्षकों की वरिष्ठता में हेरफेर कर रहे हैं।
मामला गंभीर है, बीईओ को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जाएगा साथ ही पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
बीएन सिंह, बीएसए