फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुड फ्राइडे पर चर्चों में उमड़े विश्वासी, मानव सेवा का लिया संकल्प

Fri, 30 Mar 2018 07:58 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
विज्ञापन
क्राइस्ट चर्च में उमड़े श्रद्धालु। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
शहर के सभी चर्चों में परंपरागत ढंग से आस्था और श्रद्धा के बीच गुड फ्राइडे मनाया गया। प्रभु यीशु के क्रूस से दिए गए सात उपदेशों पर चर्चा हुई। लोगों ने 40 दिन के उपवास के दौरान बचाई गई रकम से भरा गुल्लक सेवा कार्यों के लिए चर्च में भेंट किया। इस मौके पर लोगों ने मानव सेवा का संकल्प भी लिया।
विज्ञापन


सेंट जॉन चर्च बसारतपुर के रेव्ह संजय विंसेंट ने कहा कि परमेश्वर की बहुत बड़ी योजना है, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने अपने पुत्र यीशु मसीह को संसार में भेजा। सृष्टि से पहले परमेश्वर की ओर से यह निश्चित था। प्रभु यीशु के जरिए वह मनुष्य का परमेश्वर के साथ मेल मिलाप कराना चाहते थे। प्रार्थना के दौरान पूरा चर्च मसीही समाज के लोगों से भरा रहा।

अन्य चर्चों सेंट थॉमस चर्च धर्मपुर, सेंट एंड्रयूज चर्च कौवाबाग, एचइएम चर्च खजांची बाजार, प्रेयर हॉल राप्ती नगर, फुल गॉस्पेल चर्च मोती पोखरा, मसीही कलीसिया खरैया पोखरा, क्राइस्ट चर्च शास्त्री चौक आदि में भी इसी तरह की विशेष प्रार्थनाएं हुईं। क्राइस्ट चर्च शास्त्री चौक में देहरादून से आए रेव्ह जस्यानंद ने विश्व शांति के लिए प्रार्थना कराई। पादरी डीआर लाल ने कहा कि परमपिता ने प्रभु यीशु मसीह को मानव रूप में धरती पर भेजा और उन्होंने दुख और मृत्यु से भरे इस संसार के लोगों का उद्धार किया।
विज्ञापन


गुल्लक देने का रिवाज
गुड फ्राइडे पर लोग सफेद वस्त्र पहनकर और हाथों में गुल्लक लिए गिरजाघरों में आए। पूरे रोजे के दौरान बचाए गए भोजन का अंश और रकम चर्च में सेवा कार्यों के लिए दिया। इससे गरीब यतीम लोगों की मदद के साथ चर्च का भी खर्च चलता है।

दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की
सेंट मार्क चर्च पादरी बाजार के पादरी अजीत लारेंस ने कहा कि हजारों वर्ष पहले प्रभु यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाया गया था। इतना कष्ट उठाने के बाद भी जिन्होंने उन्हें सताया, प्रभु ने उन्हें क्षमा कर दिया। चर्च में लोगों से मिले दान से दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई।

गुड क्यों है गुड फ्राइडे
गुड फ्राइडे दुख भरा होता है, लेकिन यह गुड है क्योंकि जो दुख मानव जाति को उठाना था, उसे प्रभु यीशु मसीह ने स्वयं उठा लिया। इसलिए ऐश वेडनेसडे के 40 दिन के बाद पड़ने वाले शुक्र्रवार को गुड फ्राइडे के रूप में मनाया जाता है।

रविवार को ईस्टर
रविवार को प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने के उपलक्ष्य में ईस्टर मनाया जाएगा।रविवार शाम चार बजे से सेंट जॉन स्कूल से प्रभु यीशु मसीह की जीवंत झांकी निकाली जाएगी, जो क्राइस्ट चर्च शास्त्री चौक तक जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें