यूनिवर्सिटी के शिक्षाशास्त्र विभाग में एमएड और बीपीएड विद्यार्थियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बुमरो-बुमरो गीत पर छात्राओं के डांस ने कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान की, तो वहीं भोजपुरी में बेरोजगारी के दंश को पेश करते ‘असिये से कई के बीए’, ‘और हो गए दस बच्चे गीत’ ने खूब गुदगुदाया। नाटक के माध्यम से बेटियों को बचाने और पढ़ाने का आह्वान किया गया। विद्यार्थियों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर श्रोताओं ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ हेड प्रो. शैलजा सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भजन, गीत, स्वरचित कविताएं, नाटक समेत कई कार्यक्रमों को पेश कर वाहवाही बटोरी। सफल आयोजन में यशोदा, निशा साहनी, मृदुत्पल निर्लोमी, सुषमा, तान्या, गरिमा, रुचि चौधरी, प्रतिमा दुबे आदि की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर प्रो. लालजी त्रिपाठी, प्रो. शोभा गौड़, प्रो. सरिता पांडेय, प्रो. राजेश कुमार सिंह, प्रो. सुनीता दूबे और डॉ. उदय सिंह मौजूद रहे।