अधिवेशन की जानकारी देते शिवगोपाल मिश्र।
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गोरखपुर। ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) का 96वां तीन दिवसीय वार्षिक अधिवेशन बुधवार को रेलवे स्टेडियम में शुरू होगा। अधिवेशन का शुभारंभ रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा और अध्यक्षता फेडरेशन के अध्यक्ष प्रखल दास गुप्ता करेंगे। देश के सभी जोन से करीब 10 हजार रेलकर्मी अधिवेशन में नई पेंशन स्कीम, वर्किंग ऑवर, रनिंग स्टाफ अलाउंस, निजीकरण को रोकने के साथ ही सुरक्षित रेल सफर समेत कई मुद्दों पर फैसला लेंगे, जिसके आधार पर आगे के संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
अधिवेशन की तैयारियों का जायजा लेने आए फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र मंगलवार को पत्रकारों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन हमारी संबद्ध यूनियन नरमू की ओर से आयोजित है। इसमें 17 जोन, 7 उत्पादक इकाइयों और एक आरडीएसओ के रेलकर्मी के अलावा विदेशों से भी मजदूर यूनियन के प्रतिनिधि भाग लेने आ रहे हैं। लंदन से स्टीव कार्वेट, ओमान से बेकल, नेपाल-भारत संघ से अजय राय के नेतृत्व में प्रतिनिधि आएंगे।
दोपहर में रैली और इसके बाद खुला सत्र
अधिवेशन में दोपहर एक बजे रेलवे स्टेशन से रैली निकाली जाएगी, जो गणेश चौराहा होकर यूनिवर्सिटी के रास्ते रेलवे स्टेडियम आकर रैली समाप्त होगी। अपराह्न तीन बजे स्टेडियम में खुला सत्र आयोजित होगा। इसमें रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा और रेलवे बोर्ड के सदस्य भी शामिल होंगे। इसके पूर्व सुबह 10 बजे महिला वर्किंग कमेटी का सम्मेलन होगा।
आईएएस कमान संभाले तो बर्बाद होगी रेलवे
रेलवे के सभी महत्वपूर्ण पदों की कमान आईएएस के हाथों में सौंपने की रेलवे की तैयारियों के सवाल पर महामंत्री ने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो रेलवे बर्बाद हो जाएगा। अब तक जहां भी आईएएस ने संस्थाओं की कमान संभाली है, उसकी दशा देख सकते हैं। रेलवे प्रेस को बंद करने के सवाल पर कहा कि हमने विरोध किया है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को भी पत्र लिखकर आगाह कर दिया गया है।