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हाईटेक लैब और लाइब्रेरी के बीच पढ़ेंगे राजकीय पॉलीटेक्निक के स्टूडेंट

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विवेक सिंह
गोरखपुर।
शहर के राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान के दिन बहुरने वाले हैं। जल्द ही यहां पढ़ने वाले 2500 छात्र-छात्राओं को अत्याधुनिक लैब, कैफेटेरिया, एडवांस लाइब्रेरी और रीडिंग रूम जैसी हाईटेक सुविधाएं मिल सकेंगी। संस्थान की ओर से पॉलीटेक्निक में नए भवनों के निर्माण के साथ संसाधनों से लैस करने के लिए 5. 97 करोड़ का डीपीआर तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा है।
असुरन स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक ब्वॉयज का निर्माण आजादी से पहले 1904 में हुआ था। समय के साथ संस्थान में विद्यार्थियों की संख्या तो बढ़ती रही, मगर संसाधन काम चलाऊ ही रहे। सरकारें आती जाती रहीं, मगर व्यवस्था जस की तस बनी रही। योगी सरकार की पहल पर एक बार फिर इस संस्थान के कायाकल्प की उम्मीद जगी है। हर साल आल इंडिया काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की ओर से पॉलीटेक्निक संस्थानों को अपटूडेट किए जाने के निर्देश मिलने के बाद हर साल मानकों पर संस्थान को खरा उतराने के लिए बदलाव भी किए गए। धीरे-धीरे संस्थान की लैब, बिल्डिंग और संसाधनों कमी से पॉलीटेक्निक संस्थान जूझ रहा है। प्रिंसिपल वीके राना ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से पॉलीटेक्निक संस्थान की दशा सुधारने के आवश्यक संसाधनों की सूची तलब की है। रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। बजट मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।
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ये मिलेंगी सुविधाएं
पार्किंग, टॉयलेट, दिव्यांगों के लिए रैंप, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस, परीक्षा केंद्र रूम, गर्ल्स कॉमन रूम, कैफेटेरिया, लाइब्रेरी और रीडिंग रूम, लैब

10 हाईटेक लैब का होगा निर्माण
संस्थान में 10 हाइटेक लैब का निर्माण तीन करोड़ रुपये से किया जाएगा। इसमें हाईटेक टूल्स को लगाया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों मार्केट की आवश्यकता के अनुरूप तैयार किए जा सकें। इससे बड़ी कंपनियों में चयन की राह विद्यार्थियों के लिए आसान होगी। वहीं लाइब्रेरी में कोर्स बुक के साथ ही करंट अफेयर्स, और न्यूज पेपर विद्यार्थियों को निशुल्क मुहैया कराए जाएंगे।

मरम्मत के लिए अलग से भेजा प्रपोजल
संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के हेड मो. नईम ने बताया कि संस्थान के जर्जर भवनों की मरम्मत के साथ रंगाई-पुताई के लिए अलग से डेढ़ करोड़ का प्रपोजल बना कर प्रदेश सरकार को भेजा गया है।
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वर्चुअल क्लास में निखर रहा हुनर
राजकीय पॉलीटेक्निक में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दी गई वर्चुअल क्लास की सुविधा विद्यार्थियों के साथ संस्थान को भी रास आ रही है। तकनीक के इस अनूठे प्रयोग से प्रदेश के 13 पॉलीटेक्निक संस्थानों को जोड़ा गया है। इसमें 2015 से ही विद्यार्थियों को देश के कोने-कोने से एक्सपर्ट का मार्गदर्शन मिल रहा है। वहीं दूसरे शहर में मौजूद पॉलीटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों के लेक्चर भी सुनने को मिल रहे हैं। इससे जहां विद्यार्थियों की प्रतिभा को जहां निखारने में मदद मिल रही है। वहीं शिक्षकों की कमी और कार्यशाला, व्याख्यान पर होने वाले खर्चों में भी कटौती हो रही है। सभी लेक्चर का पूरा रिकॉर्ड शोध विकास प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी) की वेबसाइट के अलावा यूपीडेस्को के लाइफ साइज यूवीसी वीडिया सेंटर के सर्वर पर भी मौजूद हैं। पॉलीटेक्निक के छात्र-छात्राएं घर बैठे उन लेक्चर को दोबारा देखकर अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।
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