रोहित सिंह
गोरखपुर।
ग्रामीण इलाकों में बाढ़ से बिजली विभाग को तगड़ा ‘करंट’ लगा है। बाढ़ में विभाग के लाखों रुपये भी डूब गए हैं। अभी तक हुई जांच में 35 लाख रुपये नुकसान की बात निकलकर आई है, जबकि कुछ और इलाकों की रिपोर्ट आने के बाद यह रकम और बढ़ सकती है। इन इलाकों में बिजली की आपूर्ति पुन: बहाल करने में विभाग को अभी लंबा वक्त लगेगा।
दरअसल, बाढ़ प्रभावित इलाकों में हुई विभागीय क्षति का पूरा आकलन अभी तक बिजली विभाग नहीं कर सका है। ऐसे में इन इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर पाना अभी दूर की कौड़ी लग रही है। प्रारंभिक जांच में बिजली विभाग 35 लाख रुपये का नुकसान आंक चुका है। इसमें बढ़ोतरी होने की बात भी बिजली अफसर कह रहे हैं। ग्रामीण विद्युत वितरण खंड के अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि खंभे गिरने, ट्रांसफॉर्मर खराब होने और तार चोरी होने से इतना भारी नुकसान हुआ है। यह आंकड़ा अभी उन्हीं इलाकों का है, जहां बाढ़ का पानी उतर गया है। सबसे ज्यादा नुकसान मानीराम, पीपीगंज, पाली ब्लॉक, ब्रह्मपुर, सरहरी, घघसरा, नौसड़ आदि इलाकों में हुआ है।
75 गांव अब भी अंधेरे में
बाढ़ के कारण ब्रह्मपुर ब्लॉक स्थित गजाइकोल उपकेंद्र से जुड़े लगभग 75 गांव अंधेरे में है। इन गांवों में बाढ़ का पानी अभी नहीं निकल पाया है। बिजली विभाग को अंदेशा है कि इन इलाकों में भी पानी कम होने के बाद पोल गिरने से लेकर तार चोरी और ट्रांसफॉर्मर खराब होने की समस्या सामने आ सकती है।
जल्द बिजली बहाली पर जोर
सीएम ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी उतरने के बाद वहां जनजीवन सामान्य बनाने के लिए रविवार को डीएम को निर्देश दिए। इसके बाद डीएम ने बिजली विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर नुकसान की जानकारी ली। साथ ही डीएम ने जल्द से जल्द इन इलाकों में बिजली व्यवस्था सुचारु करने को कहा है।