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उल्टी-दस्त से चौथी मौत पर भड़के गौरिया टोलावासी

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नौतनवां। नगर के महेंद्रनगर वार्ड के गौरिया टोला में पंद्रह दिनों मेें उल्टी-दस्त का प्रकोप है। शनिवार को चौथी मौत से नगरपालिका के खिलाफ वार्ड के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। साफ-सफाई की मांग को लेकर वे जलकल परिसर पहुंच गए। वार्ड में छिड़काव और ब्लीचिंग की मांग करने लगे। नाराज लोग परिसर में रखी चूने की बोरी ले जाने लगे। इसको लेकर नगर पालिका कर्मचारियों से झड़प हो गई। हालांकि रविवार की सुबह नगर पालिका के दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारी पहुंचे और नालियों की सफाई कर छिड़काव किया।
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गौरिया टोला एक पखवारे से उल्टी-दस्त की चपेट में हैं। पंद्रह दिन पहले वार्ड के सदावृक्ष का छह वर्षीय लड़का महन उल्टी-दस्त की चपेट में आ गया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दूसरे दिन सदावृक्ष की पुत्री संगीता के सात वर्षीय लड़के शिव को उल्टी-दस्त होने लगी। इलाज केे दौरान उसकी भी मौत हो गई। पिछले सोमवार को इंसान अली की पत्नी रजिया (50) की इसी तरह मौत हो गई। शनिवार की भोर में वार्ड के सेराज के चार वर्षीय लड़के जिशान को उल्टी-दस्त शुरू हुई। सुबह उसे अस्पताल में ले जाया गया। दोपहर में उसकी भी मौत हो गई।
उल्टी-दस्त से बच्चों की लगातार मौत से लोग आक्रोशित हो गए। नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ हंगामा करने लगे। पूर्व सभासद शकील अहमद, अली रजा, अरमान, महबूब आलम, वारिश अली, अनवर, असरफ ने आरोप लगाया कि छह महीने से साफ-सफाई के लिए नगर पालिका का कोई कर्मचारी नहीं आया। नालियां गंदगी से पटी पड़ी हैं। वार्ड में चारों ओर गंदगी फैली है। कई बार नगर पालिका प्रशासन से नालियों की सफाई, दवा छिड़काव की मांग की गई। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है। लोगों का कहना था कि नगर पालिका प्रशासन पहले ही वार्ड में साफ-सफाई कराई होती तो चार मौतें नहीं हुई होती। वार्ड के नागरिकों ने साफ-सफाई में लापरवाही बरतने वाले नगर पालिका के सफाई अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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उल्टी-दस्त से बीमार पड़े हैं एक दर्जन से ज्यादा बच्चे
नौतनवां। गौरिया टोले पर अभी भी आधा दर्जन से ज्यादा बच्चे अपने घरों में बीमार पड़े हैं। जबकि कुछ लोग नेपाल के भैरहवां, सोनौली एवं नगर के निजी अस्पतालों में करा रहे हैं। वार्ड के निवासी पप्पू का पांच वर्षीय बेटा रेहान, असलम का ग्यारह वर्षीय बेटा जुबेर, तीन वर्षीय बेटी अल्पी, दो वर्षीय बेटी जुबैदा, पचास वर्षीय मुर्तजा, शमीम का ग्यारह वर्षीय बेटा जुनैद, पचास वर्षीय गुलशन, फहीम की बारह वर्षीय बेटी खुशबू, दस वर्षीय बेटी खुशनुमा, दो वर्षीय बेटा खुशनबी, इजहार अहमद का चार वर्षीय बेटा शेहरे आलम व दस वर्षीय बेटी शना खातून उल्टी-दस्त के कारण बीमार पड़े हैं। जिनमें से कुछ लोग अपना इलाज निजी अस्पताल में करा रहे हैं। तो कुछ अपने घरों पर पड़े हैं।
चार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम
नौतनवां। उल्टी-दस्त से चार मौतों के बाद नगर पालिका एवं स्वास्थ्य विभाग की नींद खुली। शनिवार की रात सीएमओ क्षमा शंकर पांडेय टीम के साथ पहुंचे और लोगों को क्लोरीन, ओआरएस आदि वितरित की। लोगों ने सीएमओ से शिकायत की कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर इलाज के बजाय फौरन रेफर कर देते हैं। गरीब परिवार के लोगों पास इतने पैसे नहीं होते कि वे बाहर इलाज करा सके। थक-हारकर उन्हें निजी अस्पतालों या झोलाछाप के पास जाना पड़ता है।
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