इंसेफेलाइटिस ने आठ और मरीजों की जान ले ली। मेडिकल कॉलेज में बीते 48 घंटे में जहां आठ मौतें हुई वहीं 28 नए मरीज भर्ती किए गए। सर्वाधिक 11 मरीज गोरखपुर के भर्ती किए गए हैं। अब तक 165 मरीजों की इस बीमारी से मौतें हो चुकी हैं।
बरसात के मौसम आने के साथ ही इंसेफेलाइटिस मरीज आने लगते हैं। इलाज को लेकर शासन से लेकर प्रशासन तक मुस्तैदी का दावा करते हैं। मगर इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर पर इलाज नहीं हो पा रहा है। डॉक्टर अपने-अपने तर्क दे रहे हैं मगर मरीजों की मौत का सिलसिला कम नहीं हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि प्राथमिक उपचार न मिल पाने की वजह से ही इससे होने वाली मौतों को नियंत्रित करने में दिक्कतें आ रही हैं। सोमवार को गोरखपुर के खोराबार सुमित दस माह पुत्र रंजीत, कुशीनगर के आयुषी (2) पुत्री देवेश कुमार, आयुष (2) पुत्र सागर, शहनवाज (14) पुत्र फुल मोहम्मद, संतकबीरनगर के अंकुश (14) राजकुमार, महराजगंज के ललित कुमार (14) पुत्र सुतमही, देवरिया की छोटी (12) पुत्र बृजेश, सिद्धार्थनगर देवा दुबे (2) पुत्र राजू की मौत हो गई। जनवरी से अब तक मेडिकल कॉलेज में 644 लोग भर्ती हो चुके हैं जिसमें से 165 मरीज की जान जा चुकी है। 94 मरीजों का उपचार किया जा रहा है।