नोटबंदी के बीच जिले में गेहूं की बुआई लगभग 75 प्रतिशत हो गई है। इसके अतिरिक्त मटर, चना, सरसों का निर्धारित लक्ष्य भी लगभग पूरा हो गया है। कुछ में सौ प्रतिशत का लक्ष्य पूरा हो गया है।
जिले में 195738 हेक्टेयर गेहूं बोने का लक्ष्य कृषि विभाग की तरफ से निर्धारित किया गया है। इसमें से अब तक 146850 हेक्टेयर खेतों में गेहूं की बुआई की जा चुकी है। बुआई के समय बीज और खाद के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। पुराने नोट न चलने से बहुत से किसान दर-दर भटक रहे थे। इस बीच सरकारी गोदामों से खाद-बीज पुराने नोटों से मिलने लगे तो किसानों की मुश्किल आसान हो गई। कई स्थानों पर प्राइवेट दुकानदारों ने भी पुराने नोट लेकर किसानों की मदद की। इससे अधिकतर किसानों ने अपने खेतों की बुआई कर ली। सरसों, मटर, चना की बुआई पहले होती है और उसमें डीएपी की मात्रा भी कम होती है उस समय नोटबंदी नहीं थी, इस नाते उसकी बुआई लगभग शत-प्रतिशत हो गई है।
फसलों की बुआई का लक्ष्य
गेहूं 195738 हेक्टेयर बोया गया 146850 हेक्टेयर
जौ 1447 हेक्टेयर बोया गया 1050
चना बोया गया 637 हेक्टेयर
रवी मक्का बोया गया 40 हेक्टेयर
मटर बोया गया 2900 हेक्टेयर
मसूर बोया गया 1240
तोरी बोया गया 6644
सरसों बोया गया 3674