गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा गठबंधन को भ्रष्टाचार और अराजकता को बढ़ावा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि लोग कुछ भी कहें पर सच यह है कि राजनीति धंधेबाजों के लिए नहीं है। ऐसे गठबंधन को प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।
चार दिवसीय (13-16 जनवरी) दौरे पर गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गोरखनाथ मंदिर में पूजा-पाठ के बाद मीडिया से बात की। कहा कि सपा और बसपा के बीच पहले भी गठबंधन हुआ था। सपा के पास ज्यादा तो बसपा के पास कम सीटें थीं। बसपा लगातार समर्थन करती रही पर गठबंधन टूट गया। कुछ लोगों की घुटने टेकने और नाक रगड़ने की आदत होती है। इसका उपचार नहीं हो सकता।
सौदेबाजी के इस गठबंधन को प्रदेश की जनता नकार देगी और आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत होगी। नरेंद्र मोदी दोबारा देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। देश की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे मजबूत है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। प्रदेश की जनता राजनीति के ऐसे सौदेबाजों का समर्थन कभी नहीं करेगी।
जगत पिता सूर्य बिना भेदभाव के चर-अचर को अपनी ऊष्मा प्रदान करते हैं। समतामूलक समाज की स्थापना की प्रेरणा का संदेश देते हैं, जबकि कुछ राजनेता जातिवाद की संकीर्ण मानसिकता से जातिवाद, क्षेत्रवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।
विधायक का विरोध तो जनता का समर्थन कैसे
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा- गठबंधन पर उनके अपने विधायक ही सवाल खड़े कर रहे हैं। एक विधायक ने कहा कि जब तक सपा नेता दूसरे पक्ष की नेता की बात सुनते रहेंगे, तभी तक गठबंधन रहेगा। जैसे ही अपनी बात कहेंगे, वैसे ही गठबंधन टूट जाएगा। ऐसा पहले हो चुका है। इसीलिए विधायक ने गठबंधन का पोल खोलो अभियान चलाने का फैसला किया है। जब अपने ही विरोध कर रहे हैं तो जनता का समर्थन कहां से मिलेगा?