सिद्धार्थनगर। गिट्टी, बालू के फुटकर विक्रेताओं की मदद से अवैध खनन से जुड़े बड़े धंधेबाजों पर प्रशासन नकेल कसेगा। इसके तहत फुटकर विक्रेताओं के भंडारण लाइसेंस, किससे खरीद की गई, रायल्टी का भुगतान हुआ या नहीं आदि की जांच की जाएगी। ऐसा न करने पर संबंधित क्षेत्र के चौकीदार, लेखपाल, बीट सिपाही समेत एसओ के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए शासन ने निर्देश जारी किया है। इसमें डीएम को निर्देशित किया गया है कि अवैध खनन कारोबार पर रोक लगाई जाए। इसकी शुरुआत फुटकर विक्रेताओं की धरपकड़ के साथ होगी। रोड पर गिट्टी-बालू रखकर कारोबार करने वाले लोगों के पास जाकर राजस्व, खनन व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम जाएगी। इसके तहत जांचा जाएगा कि दुकानदार के पास भंडारण का लाइसेंस है या नहीं। आवश्यकता पड़ने पर वाणिज्य कर विभाग का भी सहयोग लिया जाएगा। कागजात सही मिलने पर स्टाक में रखे गिट्टी व बालू के खरीद संबधित कागजात को देखा जाएगा।
इसी क्रम में रायल्टी की भी जांच होगी। मामला संदिग्ध मिलने पर संबधित जिले के डीएम को अवैध खनन के संबंध में पूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएगी। एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ला ने कहा कि अवैध खनन कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए शासन से निर्देश आए हैं। इसके लिए संयुक्त टीम का गठन कर कार्रवाई की जाएगी।
गठित होगी संयुक्त टीम
सिद्धार्थनगर। शासन के निर्देश पर प्रत्येक तहसील क्षेत्रों में संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा। टीम का अध्यक्ष डीएम को बनाया गया है। सदस्य के रूप में एसपी, डीएफओ, खनन निरीक्षक, संबंधित तहसील के एसडीएम व संबंधित थाना का एसओ होंगे।